Nepal Flood: बेतिया. नेपाल के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में फ्लैश फ्लड की स्थिति बनने के बाद गंडक नदी में अचानक जलप्रवाह बढ़ने की आशंका ने बिहार में अलर्ट बढ़ा दिया है. उपलब्ध सूचना के अनुसार गंडक नदी में करीब 3 मीटर तक ऊंची फ्लैश फ्लड वेव आने की संभावना जतायी गयी है. संभावित खतरे को देखते हुए पश्चिम चंपारण समेत गंडक से जुड़े जिलों में प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया है. बेतिया में करीब दो घंटे के भीतर एनडीआरएफ टीम की मूवमेंट और तैनाती सुनिश्चित करने की कार्रवाई शुरू कर दी गयी है.
बेतिया में दो घंटे के भीतर पहुंचेगी NDRF टीम
पश्चिम चंपारण को संभावित प्रभावित जिलों में विशेष रूप से सतर्क किया गया है. बेतिया में एनडीआरएफ टीम की तैनाती की प्रक्रिया तेज कर दी गयी है.
इसके अलावा एसएसबी डीआईजी ने जरूरत पड़ने पर क्यूआरटी और अन्य आवश्यक सहायता बेतिया में उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है. प्रशासन को गंडक के जलस्तर, तटबंधों और निचले इलाकों पर लगातार नजर रखने का निर्देश दिया गया है.
गंडक किनारे इन जिलों में विशेष अलर्ट
संभावित बढ़े जलप्रवाह को देखते हुए पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली में विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है.
इसके अलावा सीतामढ़ी और शिवहर समेत अन्य संवेदनशील इलाकों में भी स्थिति पर लगातार नजर रखने का निर्देश दिया गया है. जिला प्रशासन को तटबंध, नदी किनारे के निचले क्षेत्र, पुल-पुलिया और अन्य संवेदनशील स्थानों की निगरानी बढ़ाने को कहा गया है.
नेपाल के इन इलाकों से बढ़ा फ्लैश फ्लड का खतरा
नेपाल के गंडक कैचमेंट क्षेत्र के रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, गोरखा, लमजुंग और तनहुँ में फ्लैश फ्लड का उच्च जोखिम पूर्वानुमानित किया गया है.
वहीं दोलखा और सिंधुपालचोक कोसी कैचमेंट के उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में शामिल हैं. कोसी, बागमती और गंडक कैचमेंट के कई अन्य इलाकों में भी मध्यम जोखिम का पूर्वानुमान है.
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हाईलेवल बैठक
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में बुधवार को उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबंधित जिलों के जिलाधिकारी और वरीय पुलिस पदाधिकारी/एसपी बैठक में शामिल हुए.
बैठक में संभावित फ्लैश फ्लड से उत्पन्न स्थिति, बचाव की तैयारी और उपलब्ध संसाधनों की समीक्षा की गयी. अधिकारियों को किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए पहले से तैयार रहने का निर्देश दिया गया.
नाव, राहत सामग्री और शेल्टर तैयार रखने का निर्देश
संभावित बाढ़ की स्थिति में प्रभावित आबादी की सुरक्षित निकासी के लिए Evacuation Plan तैयार रखने को कहा गया है.
प्रशासन को पर्याप्त नाव, राहत सामग्री, शेल्टर और सामुदायिक रसोई की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है. जरूरत पड़ने पर निचले इलाकों से लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी रखने को कहा गया है.
गंडक बैराज और तटबंधों पर लगातार नजर
जल संसाधन विभाग को गंडक बैराज के सभी गेटों और उससे जुड़ी नहरों के संचालन के संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने तथा उपलब्ध जलप्रवाह का सुरक्षित प्रबंधन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है.
अभियंताओं और जल संसाधन विभाग के पदाधिकारियों को तटबंधों समेत सभी महत्वपूर्ण जल संरचनाओं की लगातार निगरानी करने को कहा गया है.
गोपालगंज में NDRF, मुजफ्फरपुर में टीम रहेगी स्टैंडबाय
संभावित स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त एनडीआरएफ और एसडीआरएफ संसाधनों की अग्रिम तैनाती की जा रही है.
गोपालगंज के लिए एक एनडीआरएफ टीम भेजने का निर्देश दिया गया है, जबकि मुजफ्फरपुर में एक एनडीआरएफ टीम को स्टैंडबाय रखा जाएगा. बेतिया में भी एनडीआरएफ टीम पहुंचाने की प्रक्रिया तेज कर दी गयी है.
प्रशासन की अपील- घबराएं नहीं, सतर्क रहें
राज्य सरकार ने लोगों से घबराने के बजाय सतर्क रहने की अपील की है. प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करने और सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों से बचने को कहा गया है.
सभी संबंधित जिलों में जिला प्रशासन, पुलिस, आपदा प्रबंधन, जल संसाधन विभाग और अन्य विभागों को आपसी समन्वय से काम करने का निर्देश दिया गया है. जिलाधिकारियों को नियमित मीडिया ब्रीफिंग और सोशल मीडिया पर निगरानी रखने को भी कहा गया है.
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