लोरिक यादव हत्याकांड की सुनवाई पूरी,फैसला 16 को हत्याकांड की सूचिका (पत्नी) जेल में है बंद, प्रेमी संग मिल हत्या की आशंका
चौतरवा थाना क्षेत्र में लोरिक यादव की हत्या के सनसनीखेज मामले में दो दिन बाद फैसला आने वाला है.
बगहा. चौतरवा थाना क्षेत्र में लोरिक यादव की हत्या के सनसनीखेज मामले में दो दिन बाद फैसला आने वाला है. इस फैसले की ओर स्थानीय ग्रामीणों के साथ ही साथ नगर के लोगों की भी निगाहें टिकी हुई हैं. इस मामले में मृतक की पत्नी (सूचिका) मधु देवी पर ही अपने प्रेमी कृष्णा के साथ मिलकर पति की हत्या करवाने का आरोप है. पुलिस जांच में मधु देवी की संलिप्तता सामने आने के बाद उसे आठ जुलाई 2022 से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया, जहां वह अब भी बंद है. जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश मानवेन्द्र मिश्र के कोर्ट में हो रही है सुनवाई इस मामले की सुनवाई जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश मानवेन्द्र मिश्र के कोर्ट में हो रही है.दोनों पक्षों को सुनने के बाद फैसला की तिथि 16 जनवरी तय की गयी है.प्राप्त जानकारी के अनुसार लोरिक यादव 17 जून 2022 को घर से निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे. परिजनों द्वारा खोजबीन के बाद भी जब कोई सुराग नहीं मिला तो मामला दर्ज कराया गया. इसके छह दिन बाद 23 जून 2022 को लोरिक यादव का कंकाल गन्ना के खेत से बरामद हुआ. इस संबंध में चौतरवा थाना कांड संख्या 239/22 दर्ज की गई, जिसमें मधु देवी, उसके कथित प्रेमी कृष्णा, रणजीत राम और छोटे लाल को अभियुक्त बनाया गया है. पुलिस का दावा है कि जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि मधु देवी का अपने पति से विवाद था और उसका कृष्णा के साथ प्रेम संबंध था. इसी के चलते साजिश रचकर लोरिक यादव की हत्या कराई गई. पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर सभी आरोपियों को नामजद किया. बचाव पक्ष ने पूरे मामले में गंभीर सवाल खड़े किए वहीं बचाव पक्ष ने पूरे मामले में गंभीर सवाल खड़े किए हैं. बचाव पक्ष का कहना है कि घटना को किसी ने प्रत्यक्ष रूप से होते नहीं देखा है. इसके अलावा मात्र छह दिनों में शव का पूरी तरह कंकाल में तब्दील हो जाना संदेह पैदा करता है. मधु देवी ने जेल में बच्चे को दिया जन्म बचाव पक्ष ने यह भी दलील दी है कि मधु देवी ने जेल में बच्चे को जन्म दिया है. यदि उस बच्चे का डीएनए टेस्ट कराया जाए तो यह स्पष्ट हो सकता है कि बच्चा पति का है या प्रेमी का,लेकिन अब तक ऐसी कोई जांच नहीं कराई गई. बचाव पक्ष का यह भी कहना है कि यदि प्रेमी कृष्णा का घर आना-जाना था तो उस समय किसी ने विरोध क्यों नहीं किया, यह भी जांच का विषय है. फिलहाल मामला न्यायालय में विचाराधीन है और सभी पक्ष अपनी-अपनी दलीलें रख रहे हैं.अभियोजन के तरफ से जितेंद्र भारती एवं अधिवक्ता सत्येंद्र मिश्रा ने बहस किया. मधु देवी और रंजीत राम जेल मे बंद है, छोटेलाल, कृष्णा शाह जमानत पर बाहर है.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
