सिंगल बड से खेती करने वाले किसानों को मिलेगा 15 हजार अनुदान: रविन्द्र

जिले के किसानों के लिए खुशखबरी है. न्यू स्वदेशी सुगर मिल्स नरकटियागंज और गन्ना उद्योग विभाग के संयुक्त प्रयास से अब गन्ने की खेती में क्रांतिकारी बदलाव आ रहा है.

नरकटियागंज. जिले के किसानों के लिए खुशखबरी है. न्यू स्वदेशी सुगर मिल्स नरकटियागंज और गन्ना उद्योग विभाग के संयुक्त प्रयास से अब गन्ने की खेती में क्रांतिकारी बदलाव आ रहा है. किसानों को शून्य बचत के साथ गन्ने की उन्नत खेती के लिए प्रति एकड़ 15 हजार रुपये का अनुदान मिल रहा है. इस योजना का लाभ अब तक 180 किसानों को मिल चुका है. चीनी मिल के यूनिट हेड रविन्द्र कुमार तिवारी ने बताया कि सिंगल बड नर्सरी तकनीक से किसान घर पर ही गन्ने की पौध तैयार कर खेत में रोपाई कर सकते हैं, जिससे पैदावार में काफी वृद्धि होती है। पारंपरिक तरीके में जहां प्रति एकड़ 30 क्विंटल बीज की जरूरत होती है, वहीं इस तकनीक से सिर्फ 8–10 क्विंटल बीज पर्याप्त है। इससे किसानों को लगभग 70 प्रतिशत यानी करीब 7500 रुपये की बचत होती है. सिंगल बड नर्सरी तैयार करने के लिए 1 से 1.5 मीटर चौड़ी और 4 से 5 मीटर लंबी क्यारी बनाकर एक आंख वाले गन्ने के टुकड़ों को हल्की मिट्टी से ढककर नमी बनाए रखी जाती है। 20 से 25 दिन में पौधे रोपाई के लिए तैयार हो जाते हैं। खेत में पौधों की दूरी 1 फुट और कतारों की दूरी 4 फुट रखने से लगभग 10,800 पौधे प्रति एकड़ में लगाए जा सकते हैं. गन्ना उपप्रबंधक प्रेम सिंह के अनुसार, नर्सरी विधि से पौधे रोगमुक्त और मजबूत बनते हैं, जिससे गन्ने की जमाव दर 95 प्रतिशत तक रहती है और पैदावार भी अधिक होती है. वहीं, गन्ना उद्योग विभाग द्वारा सिंगल बड तकनीक अपनाने वाले किसानों को 15 हजार रुपये का अनुदान दिया जा रहा है. मिल प्रबंधन किसानों को कोको पीट और पॉली ट्रे भी 50 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध करा रहा है. कार्यपालक उपाध्यक्ष राजीव त्यागी ने बताया कि अब तक 180 किसानों को यह अनुदान वितरित किया जा चुका है.

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Author: SATISH KUMAR

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