West Champaran News: नवलपुर. गंडक नदी के कटाव और बाढ़ की मार झेल रहे दियारा क्षेत्र में बच्चों की पढ़ाई व्यवस्था लंबे समय से परेशानी का सबब बनी हुई है. जरलपुर खुटवनिया पंचायत के नवका टोला वार्ड नंबर 10 में संचालित विस्थापित उत्क्रमित मध्य विद्यालय वर्षों से अपने भवन का इंतजार कर रहा है. विद्यालय में करीब 340 छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं, लेकिन अपना भवन नहीं होने के कारण बच्चों और शिक्षकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
Nawalpur News: 340 बच्चों का स्कूल, लेकिन अपना भवन नहीं
प्रधानाचार्य नैमुलहक ने बताया कि विद्यालय भवन की समस्या को लेकर विभागीय अधिकारियों को कई बार जानकारी दी जा चुकी है. इसके बावजूद अब तक भवन निर्माण को लेकर ठोस पहल नहीं हो सकी है.
विद्यालय में बड़ी संख्या में बच्चे अध्ययनरत हैं, लेकिन भवन के अभाव में उन्हें बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराने में परेशानी हो रही है.
राज्यपाल के नाम जमीन देने को तैयार ग्रामीण
विद्यालय भवन निर्माण के लिए लुटन यादव जमीन देने को तैयार हैं. उन्होंने जमीन राज्यपाल के नाम रजिस्टर्ड करने की भी सहमति दी है. इसके बावजूद अंचलाधिकारी कार्यालय से एनओसी नहीं मिलने के कारण भवन निर्माण की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है.
ग्रामीणों का कहना है कि जमीन की व्यवस्था होने के बावजूद प्रशासनिक स्तर पर एनओसी की प्रक्रिया लंबित रहना बच्चों के भविष्य के लिए चिंता का विषय है.
बाढ़ और कटाव से बढ़ जाती है परेशानी
बरसात के मौसम में गंडक नदी के कटाव और जलजमाव के कारण विद्यालय क्षेत्र की स्थिति और गंभीर हो जाती है. इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने के साथ उनकी सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी रहती है.
ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द एनओसी जारी कर विद्यालय भवन का निर्माण शुरू कराने की मांग की है.
जल्द भवन निर्माण शुरू कराने की मांग
ग्रामीण अशोक यादव, जितेंद्र खरवार, लुटन यादव, रामजीआवन और शोएब अख्तर ने प्रशासन से मामले में शीघ्र पहल करने की मांग की. ग्रामीणों का कहना है कि भवन निर्माण की प्रक्रिया पूरी होने से बच्चों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सकेगा.
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