बेतिया. शिक्षा विभाग ने स्कूलों, कालेजों और कोचिंग संस्थानों में अध्ययनरत छात्राओं की सुरक्षा, सम्मान एवं सुरक्षित प्रबंधन के लिए मानक संचालन कार्यप्रणाली एसओपी अर्थात स्टेंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर जारी किया गया है.अपर मुख्य सचिव डॉ.बी.राजेंदर के निर्देश पर शिक्षा विभाग के उप सचिव अजय सतीश भेंगरा के हस्ताक्षर से जारी एसओपी में कहा गया है कि इसका उद्देश्य है कि छात्राओं को यौन उत्पीड़न,मानसिक प्रताड़ना,साइबर अपराध, भेदभाव और हिंसा से बचाना है. सुरक्षा को प्राथमिकता देना है. शिकायतों का त्वरित निष्पक्ष और गोपनीय निवारण करना है. इसके साथ ही संस्थागत जवाबदेही और सतत निगरानी व्यवस्था स्थापित करना है. एसओपी का संस्थागत उल्लंघन करने पर चेतावनी के अलावा निबंधन, निष्कासन और कानूनी कार्यवाही होगी.सभी राजकीय,अनुदानित एवं सरकारी एवं निजी विद्यालयों,महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों,कोचिंग संस्थान,छात्रावास,अध्यापन कार्य में संलग्न परिवहन व्यवस्था एवं शैक्षणिक संस्थान की सभी परिसरों से संबंद्ध सभी गतिविधियां इसके दायरे में होंगी. प्रत्येक संस्थान में आंतरिक शिकायत समिति का किया जाएगा पुनर्गठन प्रत्येक शैक्षणिक संस्थान में इसके लिए अनिवार्य रूप से आंतरिक शिकायत समिति होगी.इसमें अध्यक्ष वरिष्ठ महिला अधिकारी या शिक्षिका होंगी. समिति में कम से कम दो महिला सदस्य होंगी.एक बाहरी सदस्य कानूनी विशेषज्ञ होंगे. समिति का कार्यकाल तीन वर्ष का होगा.तीन साल कार्यकाल पूरा हो जाने के बाद इसका पुनर्गठन किया जाएगा. यही समिति प्राप्त शिकायतों की निष्पक्ष जांच करते हुए निर्णय लेगी. पीड़िता की गोपनीयता रखते हुए संरक्षण देना है.छात्रा परामर्श और सहायता प्रकोष्ठ भी होगा.इसमें महिला काउंसलर होंगी. पीड़िता को मानसिक स्वास्थ्य सहयोग मिलेगा. तनाव, भव और अवसाद से निजात दिलाना है. छात्राओं को जागरूक भी किया जाना है. इन्हें कानूनी अधिकारी की भी जानकारी दी जाएगी.साइबर सुरक्षा और डिजिटल साक्षरता कार्यक्रम भी आयोजित करना है.इधर आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए जिला पदाधिकारी रविन्द्र कुमार ने सभी प्रखंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया है.
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