बेतिया. इस बार के विधान सभा चुनाव पश्चिम चंपारण जिले के 45 मतदान केंद्रों पर अलग तस्वीर होगी. जिले में द्वितीय चरण में विधान सभा चुनाव होना है. इसके लिए मतदान 11 नवंबर को होगा. पहली बार बड़ी संख्या में महिलाएं एवं दिव्यांग कर्मी मतदान कर्मी के रूप में अपनी भूमिका निभाएंगे. मतदाता कतारबद्ध होंगे और सामने होंगी महिला कर्मियों की टीम. जिले के कुल नौ विधान सभा क्षेत्रों में 45 मतदान केंद्र ऐसे चिह्नित किए गए हैं, जहां कमान महिला मतदान कमियों के हाथ में होगी. इसके लिए तैयारियां अंतिम चरण में है. संबंधित मतदान केंद्रों पर सभी तरह की सुविधाओं बहाल करने का जिम्मा संबंधित प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारियों को दिया गया है. जिला निर्वाचन पदाधिकारी धर्मेंद्र कुमार के निर्देश पर ऐसे सभी मतदान केंद्रों पर चुनाव आयोग के निर्देश के मुताबिक सभी व्यवस्था दुरूस्त करने को कहा गया है. ——————— महिला कर्मियों की बढ़ी भूमिका इन सभी बृथों पर महिला मतदानकर्मी बूथों पर पीठासीन अधिकारी से लेकर तीसरे मतदाान पदाधिकारी तक की सभी कार्य करेंगी. यानी इन केंद्रों पर चुनावी प्रक्रिया पूरी तरह महिलाओं के हवाले होंगी. इतना ही नहीं सुरक्षा व्यवस्था में भी महिला पुलिस कर्मियों की तैनाती की जा रही है. यह पहल चुनाव में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाने और मतदाताओं में भरोसा जमाने उद्देश्य से की गई है. —————— प्रत्येक विधान सभा क्षेत्र में एक-एक युवा मतदान केंद्र इस बार जिले के सभी नौ विधान सभा क्षेत्रों में एक-एक युवा मतदान केंद्र भी बनाया गया है, जहां सभी स्तर के मतदान पदाधिकारी युवा ही होंगे. इसके लिए कार्मियों कोषांग की ओर से ऐसे सभी युवा कमियों को चिह्नित किया गया है. पहली बार दिव्यांग मतदान केंद्र भी बनाया गया है. यहां के प्रथम मतदान पदाधिकारी से लकर पीठासीन पदाधिकारी भी दिव्यांग ही होंगे. इसके लिए जिला निर्वाचन की ओर से सभी तरह की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. इस तरह के मतदान केंद्रों को बनाने के पीछे मुख्य यह है कि इसमें संबंधित समूह के मतदाताओं के बीच लोकतंत्र के प्रति आस्था और अधिक प्रगाढ़ हो सके.
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