बैरिया/श्रीनगर. प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न घाटों पर कार्तिक पूर्णिमा को लेकर हजारों श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई. वहीं पखनाहा के पिपरा घाट, बथना घाट, लौकरिया घाट पर बुधवार को कार्तिक पूर्णिमा के दिन हजारों श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई. वहीं पंडित आचार्य पप्पू कुमार तिवारी ने बताया कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन जो भी व्यक्ति स्नान का दान करता है. उसका मां गंगा की कृपा से सभी दुखों का निवारण होता है और सौभाग्य की प्राप्ति होती है. परंपरागत कई वर्षों से चली आ रही है. इस दिन श्रद्धालुओं ने स्नान कर दान करते हैं और दही चुरा का भोग लगते हैं. मेला को संपन्न करने के लिए पुलिस प्रशासन बताना लौकरिया तथा पिपरा घाट पर सक्रिय रही. श्रीनगर प्रतिनिधि के अनुसार थाना क्षेत्र के विभिन्न गंडक घाटों पर बुधवार की सुबह कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा. अहले सुबह से ही श्रद्धालु पवित्र गंडक नदी में स्नान के लिए पहुंचने लगे. पिपरा, सिंगही, पुजहां, बथना, डुमरिया और लौकरिया घाटों पर हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने गंडक मैया की आराधना करते हुए डुबकी लगाई. मंगलवार की शाम से ही भक्तों का घाटों की ओर पहुंचना शुरू हो गया था. रातभर घाटों पर भजन-कीर्तन और आरती से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा. बुधवार अहले सुबह श्रद्धालुओं ने स्नान के बाद गंडक मैया की पूजा-अर्चना की. कई श्रद्धालुओं ने ब्राह्मणों को भोजन कराया और दान-पुण्य किया. जिनकी मनोकामनाएं पूर्ण हुईं, उन्होंने कोसी भरकर विशेष पूजा-अर्चना की. घाटों पर पूजा सामग्री, दीपक, प्रसाद और फूल की दुकानों पर खरीदारी करने वालों की भीड़ लगी रही. महिला श्रद्धालुओं की संख्या उल्लेखनीय रही. भक्त ट्रैक्टर, बैलगाड़ी, ऑटो, बाइक और पैदल चलकर घाटों तक पहुंचे. प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पुख्ता व्यवस्था की थी. पखनाहा बाजार से लेकर सभी प्रमुख घाटों तक पुलिस बल तैनात रहे. जबकि महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए महिला पुलिस कर्मी भी मौजूद रहीं. मंगलवार शाम से ही संतघाट-पखनाहा और पटजिरवा मार्गों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने से पूरे क्षेत्र में मेले जैसा दृश्य देखने को मिला. श्रद्धालुओं ने गंडक में डुबकी लगाकर सुख, समृद्धि और शांति की कामना की.
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