घने कुहासे और भीषण ठंड के कारण रेल परिचालन प्रभावित

दिसंबर के अंतिम सप्ताह में ठंड अपने चरम पर पहुंच चुकी है. सुबह का घना कुहासा, बादल और शीतलहर मिलकर कोल्ड डे की स्थिति बना रहे हैं.

हरनाटांड़. दिसंबर के अंतिम सप्ताह में ठंड अपने चरम पर पहुंच चुकी है. सुबह का घना कुहासा, बादल और शीतलहर मिलकर कोल्ड डे की स्थिति बना रहे हैं. हालात ऐसे हैं कि जहां सड़क परिवहन में दृश्यता की कमी के कारण वाहनों की रफ्तार थम गयी है, वहीं रेल परिचालन पर भी इसका सीधा असर देखने को मिल रहा है. एक घंटे की दूरी तय करने में अब ढाई से तीन घंटे तक का समय लग रहा है. गोरखपुर-नरकटियागंज रेलखंड पर बगहा के रास्ते चलने वाली ट्रेनों की स्थिति की पड़ताल में बुधवार सामने आया कि करीब आधा दर्जन से अधिक एक्सप्रेस और सवारी गाड़ियां दो घंटे से लेकर 11 घंटे तक विलंब से चलीं. वहीं रेलवे ने दो सवारी गाड़ियों का परिचालन 25 दिसंबर से एक फरवरी तक स्थगित कर दिया है. रेल कर्मियों का कहना है कि कुहासे के कारण ट्रेनों के संभावित आगमन समय में आगे-पीछे हो रहा है. वहीं यात्रियों ने इस लेटलतीफी को लेकर नाराजगी जताई है. यात्रियों का कहना है कि आजादी के करीब 80 वर्ष बीत जाने के बावजूद ठंड के मौसम में सुरक्षित और समयबद्ध रेल परिचालन सुनिश्चित करने के लिए अब तक कोई ठोस व्यवस्था नहीं की जा सकी. हर साल सर्दियों में यात्रियों को इसी तरह परेशानी झेलनी पड़ती है. एक नजर में ट्रेनों की स्थिति आनंद बिहार से मुजफ्फरपुर जाने वाली 12558 डाउन सप्तक्रांति सुपरफास्ट एक्सप्रेस करीब 8 घंटे विलंब से बगहा पहुंची. वहीं आनंद बिहार से दरभंगा जाने वाली 15558 अमृत भारत एक्सप्रेस 11 घंटे देर से पहुंचने की सूचना थी. इसके अलावा 15274 डाउन सत्याग्रह एक्सप्रेस 3 घंटे, 19037 अवध एक्सप्रेस 2 घंटे और 15706 चंपारण हमसफर एक्सप्रेस लगभग 10 घंटे विलंब से चली. रेलवे सूत्रों के अनुसार 55097 सवारी गाड़ी गुरुवार को सुबह 6:30 बजे के बजाय 11:30 बजे बगहा पहुंची. जबकि 19038 अप अवध एक्सप्रेस भी 2 घंटे देरी से आने की सूचना थी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: SATISH KUMAR

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >