Bagaha News: खेत जाने के दौरान महिला पर मगरमच्छ का हमला, दोनों पैर जबड़े में दबोचे

वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के पास नदी-नालों में मगरमच्छों का खतरा बढ़ गया है। रविवार को भापसा नाला में मगरमच्छ ने खेत जा रही एक महिला पर जानलेवा हमला कर दिया। ग्रामीणों की तत्परता से महिला की जान बचाई जा सकी।

Bagaha News: वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (वीटीआर) से जुड़े नदी-नालों में बरसात के दिनों में मगरमच्छों का खतरा बढ़ता जा रहा है. इसी क्रम में रविवार की सुबह नौरंगिया थाना क्षेत्र के सिरिसिया-बेलहवा कच्ची सड़क स्थित गुरलहिया सरेह के भापसा नाला में मगरमच्छ ने एक महिला पर जानलेवा हमला कर दिया. महिला के दोनों पैरों को मगरमच्छ ने अपने जबड़े में दबोच लिया, लेकिन साथ मौजूद ग्रामीणों की सूझबूझ और साहस से उसकी जान बच गई.

खेत में काम करने जा रही थी महिला, नाला पार करते समय हुआ हमला

घायल महिला की पहचान पचरुखा सिरिसिया गांव निवासी जितेंद्र मांझी की 35 वर्षीय पत्नी बरसाती देवी के रूप में हुई है. बताया गया कि बरसाती देवी अपने पति और गांव के अन्य महिला-पुरुष मजदूरों के साथ गुरलहिया सरेह स्थित खेत में काम करने जा रही थीं. खेत तक पहुंचने के लिए सभी लोग भापसा नाला पार कर रहे थे. अधिकांश मजदूर नाला पार कर चुके थे, तभी झाड़ियों में घात लगाए मगरमच्छ ने पीछे से बरसाती देवी पर हमला कर दिया.

मगरमच्छ ने महिला के दोनों पैरों को अपने जबड़े में दबोच लिया. महिला की चीख सुनकर साथ चल रहे ग्रामीणों ने तत्काल शोर मचाना शुरू कर दिया.

लाठी-डंडे और कुदाल लेकर मगरमच्छ पर टूट पड़े ग्रामीण

महिला को मगरमच्छ के चंगुल से बचाने के लिए ग्रामीणों ने लाठी-डंडे, कुदाल और छाते से उस पर हमला किया. लोगों के जोरदार प्रतिरोध के बाद मगरमच्छ महिला को छोड़कर झाड़ियों की ओर भाग गया. इसके बाद परिजनों और ग्रामीणों ने वन विभाग को घटना की सूचना दी.

सूचना मिलते ही मदनपुर वनक्षेत्र की टीम, डायल-112 पुलिस और स्थानीय मुखिया अरविंद कुमार मौके पर पहुंचे. वनकर्मियों ने घायल महिला को तत्काल बगहा अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉ. एसपी अग्रवाल ने उसका प्राथमिक उपचार किया. चिकित्सकों के अनुसार महिला की हालत फिलहाल खतरे से बाहर है.

भापसा नाला मगरमच्छों का प्राकृतिक आवास, आवागमन से बचने की अपील

मदनपुर वनक्षेत्र पदाधिकारी नसीम अहमद अंसारी ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई थी. महिला के आवेदन और आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद नियमानुसार मुआवजा देने की कार्रवाई की जाएगी.

उन्होंने बताया कि भापसा नाला मगरमच्छों का प्राकृतिक आवास है. इसलिए वन विभाग की ओर से लगातार लोगों को इस रास्ते से आवागमन नहीं करने के लिए जागरूक किया जा रहा है. खासकर बरसात के मौसम में नदी-नालों को पार करते समय लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है.

एक सप्ताह में दूसरी घटना, चार दिन बाद मिला था किसान का शव

बताया जाता है कि कुछ दिन पहले नौरंगिया थाना क्षेत्र के भुलटोला सिरिसिया गांव निवासी 55 वर्षीय किसान केदार बैठा भी मगरमच्छ के हमले का शिकार हुए थे. वह खेत में धान की सोहनी करने के बाद साथियों के साथ घर लौट रहे थे. इसी दौरान मगरमच्छ ने उन पर हमला कर दिया था. घटना के चार दिन बाद उनका शव बरामद हुआ था.

भापसा नाला में बरसाती देवी पर मगरमच्छ का हमला एक सप्ताह के भीतर इस तरह की दूसरी घटना है. लगातार हो रही घटनाओं के बाद नदी-नालों के आसपास रहने वाले ग्रामीणों में दहशत का माहौल है.

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By Jay prakash verma

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