भैंस से टकराई चंपारण हमसफर एक्सप्रेस, बाल-बाल टली बड़ी रेल हादसा

नरकटियागंज-गोरखपुर रेलखंड पर गुरुवार की देर संध्या एक बड़ी रेल हादसा टल गयी उक्त घटना वाल्मीकिनगर रोड रेलवे स्टेशन व पनियहवा स्टेशन के बीच मदनपुर रेलवे ढाला के समीप है.

हरनाटांड़. नरकटियागंज-गोरखपुर रेलखंड पर गुरुवार की देर संध्या एक बड़ी रेल हादसा टल गयी उक्त घटना वाल्मीकिनगर रोड रेलवे स्टेशन व पनियहवा स्टेशन के बीच मदनपुर रेलवे ढाला के समीप है. जहां कटिहार से दिल्ली जा रही चंपारण हमसफर एक्सप्रेस ट्रेन (15705) से एक भैंस कट गयी. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अचानक रेलवे ट्रैक पर भैंस के आ जाने से ट्रेन उससे टकरा गयी और इंजन में जा फंसी. जिसके बाद चालक ने स्थिति को भांपते हुए तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाया, जिससे ट्रेन डिरेल होने से बाल-बाल बच गयी और वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के मदनपुर वन प्रक्षेत्र के जंगल होकर गुजरी रेलवे लाइन पर ट्रेन रुक गयी. घटना के बाद कुछ देर के लिए मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और ट्रेन में सवार यात्रियों में दहशत फैल गयी. हालांकि राहत की बात यह रही कि किसी भी यात्री को चोट नहीं आई. सुरक्षा कारणों से कुछ समय तक इस रेलखंड पर ट्रेनों का परिचालन प्रभावित रहा. रेलवे कर्मचारियों ने मौके पर पहुंच कर ट्रैक का किया निरीक्षण

चंपारण हमसफर एक्सप्रेस ट्रेन के ड्राइवर तथा गुमटी संख्या 62 के गेट मैन ने तुरंत घटना के बारे में वाल्मीकिनगर रोड रेलवे स्टेशन को सूचना दिया. सूचना मिलने पर रेलवे कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर ट्रैक का निरीक्षण किया और दो घंटे की भारी मशक्कत के बाद हमसफर एक्सप्रेस ट्रेन के इंजन फंसे भैंस को निकाला गया. वहीं स्थिति सामान्य होने के बाद ही ट्रेनों को आगे के लिए रवाना किया गया. बताया जाता है कि हमसफर एक्सप्रेस वाल्मीकिनगर रोड रेलवे स्टेशन से शाम 7:33 बजे पनियहवा के लिए रवाना हुई, जो मदनपुर रेलवे ढाला के गेट संख्या 62 पर करीब 7:41 बजे पहुंची. जहां एक भैंस से टकरा गयी और देर रात 10:13 बजे पनियहवा पहुंची. इस बीच उक्त ट्रेन करीब डेढ़ घंटे तक रुकी रही.

वन क्षेत्र से सटे रेलवे मार्ग पर पहले भी हो चुकी है घटना

बताया जा रहा है कि चरवाहे रोजाना अपने मवेशियों को लेकर वीटीआर के जंगल क्षेत्र की ओर रेल ट्रैक के आर-पार आते-जाते हैं. इसी दौरान भैंसों के झुंड से एक भैंस भटक कर ट्रैक पर पहुंच गयी और गुजरती ट्रेन की चपेट में आ गयी. यह इलाका वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के अंतर्गत आता है. जहां जंगली और पालतू जानवरों का रेलवे ट्रैक पर आ जाना एक गंभीर समस्या बना हुआ है. वन क्षेत्र से सटे इस मार्ग पर पहले भी बाघ, मगरमच्छ और गैंडे समेत कई जानवर ट्रेन की चपेट में आ चुके हैं. हालांकि रेलवे की ओर से बाउंड्री वॉल बनाई गयी है, लेकिन इसके बावजूद घटनाएं रुक नहीं रही हैं. जिससे रेलवे और वन विभाग के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता एक बार फिर सामने आई है.

यात्रियों की सुरक्षा है सर्वोपरि- पीएन पांडेय

वहीं घटना की पुष्टि करते हुए वाल्मीकिनगर रोड स्टेशन के स्टेशन मास्टर पीएन पांडेय ने बताया कि चालक की तत्परता और सावधानी से बड़ा हादसा टल गया. उन्होंने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे. रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील किया है कि वे अफवाहों पर ध्यान नहीं दें और किसी भी आपात स्थिति में रेलवे कर्मचारियों का सहयोग करें. उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता है.

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Author: SATISH KUMAR

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