वीटीआर में पर्यटकों के लिए नया आकर्षण, नेचर शॉप में बिकेंगे थारू महिलाओं के हस्तशिल्प

वाल्मीकिनगर टाइगर रिजर्व (VTR) में नया पर्यटन सत्र स्थानीय थारू महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर ला रहा है. वीटीआर प्रशासन नेचर शॉप को नया रूप दे रहा है, जहां थारू महिलाओं द्वारा स्थानीय संसाधनों से बनाए गए हस्तशिल्प बेचे जाएंगे. इससे न केवल पर्यटकों को एक नया आकर्षण मिलेगा, बल्कि थारू महिलाओं की आय भी बढ़ेगी और उनकी पारंपरिक कला को संरक्षण मिलेगा.

Valmikinagar News: वाल्मीकिनगर. वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में नया पर्यटन सत्र स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर लेकर आने की उम्मीद है. जंगल सफारी के रोमांच के साथ अब पर्यटकों को थरुहट की लोककला और हस्तशिल्प भी आकर्षित करेंगे. वीटीआर प्रशासन वाल्मीकिनगर की स्थायी नेचर शॉप को नए स्वरूप में तैयार कर रहा है. इस शॉप में थारू महिलाओं के हाथों से तैयार विभिन्न हस्तशिल्प उत्पाद बिक्री के लिए उपलब्ध कराये जाएंगे.

VTR Tourism: थारू महिलाएं स्थानीय संसाधनों से तैयार करती हैं हस्तशिल्प

वीटीआर से सटे दर्जनों थारू गांवों में महिलाएं बांस, मूंज, जूट, लकड़ी और गेहूं के डंठल जैसे स्थानीय संसाधनों से आकर्षक हस्तशिल्प तैयार करती हैं. इन उत्पादों की दूसरे शहरों में अच्छी मांग है, लेकिन स्थानीय स्तर पर बाजार सीमित होने के कारण महिलाओं को इसका अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाता है. अब वीटीआर इन उत्पादों को पर्यटन से जोड़कर बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की तैयारी में है.

नेचर शॉप में मिलेंगे बांस से बने कई उत्पाद

वीटीआर की नेचर शॉप में बांस की डलिया, फूलदान, पेपर ट्रे, टी-ट्रे, टोपी, बांस की माला और आभूषण समेत कई हस्तशिल्प उत्पाद उपलब्ध होंगे. इसके अलावा गेहूं के डंठल से तैयार कलाकृतियां भी पर्यटकों को आकर्षित करेंगी. वीटीआर प्रशासन इन उत्पादों की ब्रांडिंग और बेहतर प्रस्तुति पर भी जोर देगा, ताकि स्थानीय हस्तशिल्प को एक अलग पहचान मिल सके.

जंगल सफारी के साथ थरुहट की संस्कृति भी जानेंगे पर्यटक

वीटीआर आने वाले सैलानियों का आकर्षण सिर्फ वन्यजीवों और जंगल सफारी तक सीमित नहीं है. पर्यटक थरुहट की जीवनशैली, परंपरा और संस्कृति को भी करीब से जानना चाहते हैं. ऐसे में हस्तशिल्प पर्यटन और स्थानीय संस्कृति के बीच सेतु का काम करेगा. पर्यटक यहां से थारू महिलाओं के हाथों से तैयार उत्पाद खरीदकर अपने साथ ले जा सकेंगे.

हस्तशिल्प की बिक्री से महिलाओं की आय बढ़ने की उम्मीद

स्थानीय हस्तशिल्प को पर्यटन से जोड़ने का सीधा फायदा थारू महिलाओं को मिलने की उम्मीद है. नेचर शॉप के माध्यम से उनके उत्पादों को स्थानीय स्तर पर ही बाजार मिलेगा. इससे महिलाओं की आय बढ़ने के साथ पारंपरिक कला और शिल्प को भी संरक्षण मिल सकेगा. स्थानीय संसाधनों से तैयार इन उत्पादों को पर्यटकों तक पहुंचाने से थरुहट की कला को व्यापक पहचान मिलने की संभावना है.

बोले रेंजर, पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को जोड़ेगी पहल

वाल्मीकिनगर रेंजर सत्यम कुमार के अनुसार वीटीआर प्रशासन की यह पहल पर्यटन को स्थानीय अर्थव्यवस्था से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. जंगल की सैर के साथ थारू कला और हस्तशिल्प की खरीदारी पर्यटकों के लिए वीटीआर यात्रा का नया अनुभव बनेगी. इससे स्थानीय लोगों को रोजगार और आय के अतिरिक्त अवसर उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी.

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By Prabhat khabar news desk

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