बेतिया के मझौलिया से संजय कुमार पाण्डेय की रिपोर्ट
Bettiah News: पश्चिम चंपारण के मझौलिया प्रखंड स्थित करमवा पंचायत के पास पूर्वी और पश्चिमी चंपारण की सीमा पर बना माधोपुर का लोहिया पुल जर्जर होकर ध्वस्त होने की कगार पर पहुंच गया है. पुल की बदहाल स्थिति से स्थानीय लोगों और राहगीरों में दहशत है. ग्रामीणों ने सांसद, विधायक और अन्य जनप्रतिनिधियों पर चुनावी वादे भूल जाने का आरोप लगाते हुए पुल के शीघ्र पुनर्निर्माण की मांग की है.
23 साल पुराना पुल बना खतरा
ग्रामीणों के अनुसार करीब 23 वर्ष पहले तत्कालीन सांसद रघुनाथ झा और विधायक बीरबल यादव के प्रयास से लगभग 40 लाख रुपये की लागत से इस पुल का निर्माण हुआ था. यह पुल माधोपुर और रुलही पंचायत को जोड़ता है. वर्तमान में पुल की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि इस पर पैदल चलना भी जोखिम भरा हो गया है. छोटे-बड़े वाहन भी जान जोखिम में डालकर गुजर रहे हैं.
चुनाव में वादे, बाद में उपेक्षा का आरोप
मुखिया प्रत्याशी जितेंद्र चौधरी, पूर्व सरपंच शशि भूषण प्रसाद, राजद पंचायत अध्यक्ष रहमान मियां समेत कई ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि चुनाव के समय जनप्रतिनिधि विकास के बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन जीतने के बाद क्षेत्र की समस्याओं की अनदेखी करते हैं. ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से तत्काल पुल की मरम्मत या नए पुल के निर्माण की मांग की.
कई पंचायतों और दो जिलों की लाइफलाइन
यह लोहिया पुल माधोपुर, रुलही, राजा भार, करमवा समेत कई पंचायतों को जोड़ने के साथ पूर्वी चंपारण के सुगौली और हरसिद्धि क्षेत्र के लोगों के लिए भी महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है. ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते पुल की मरम्मत या पुनर्निर्माण नहीं कराया गया तो किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है और आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाएगा.
