समतामूलक समाज की स्थापना के लिए बाबा साहब आंबेडकर जीवन भर संघर्षरत रहे: डॉ.राजेश

नगर के महारानी जानकी कुंवर महाविद्यालय में शनिवार को भारत रत्न डॉ.भीमराव आंबेडकर की 70 वीं पुण्यतिथि को महापरिनिर्वाण दिवस के रूप में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया गया.

बेतिया. नगर के महारानी जानकी कुंवर महाविद्यालय में शनिवार को भारत रत्न डॉ.भीमराव आंबेडकर की 70 वीं पुण्यतिथि को महापरिनिर्वाण दिवस के रूप में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया गया. कार्यक्रम का आरंभ बाबा साहब के चित्र पर अतिथि, प्राध्यापक गण एवं विद्यार्थियों के द्वारा भी माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित करते हुए बाबा साहब को श्रद्धांजलि दी गई. इस मौके पर आयोजित विचार गोष्ठी में “वर्तमान शासन व्यवस्था में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रासंगिकता ” विषय पर सभी वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए. संगोष्ठी को संबोधित करते हुए डॉ. राजेश कुमार चंदेल ने कहा कि समतामूलक समाज की स्थापना के लिए बाबा साहब जीवन भर संघर्षरत रहे. उन्होंने संविधान और कानून व्यवस्था के माध्यम से समाज का संतुलन सुनिश्चित करने का महान प्रयास किया.देश के सामाजिक और आर्थिक उत्थान में उनके योगदान को आज भी सर्वोपरि माना जाता है.अर्थशास्त्र के विभागाध्यक्ष डॉ. वीरेश कुमार राम ने कहा कि बाबा साहब अंबेडकर की जरूरत आज पहले से अधिक महसूस की जा रही है. समाज उनके विचारों से दूर होता जा रहा है, जिस कारण उनकी शिक्षाओं को पुनः आत्मसात करने की आवश्यकता है. मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. विकास कुमार ने कहा कि अंबेडकर का व्यक्तित्व कालजयी था. कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ.योगेंद्र सम्यक ने कहा कि डॉ. अंबेडकर को आज फिर से पढ़ने और समझने की आवश्यकता है. समाज तथा शासन-प्रशासन से संबंधित अधिकांश समस्याओं का समाधान उनके दृष्टिकोण में निहित है। कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन श्री भरत भूषण ने किया.

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By SATISH KUMAR

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