Narkatiaganj News: अनुमंडलीय अस्पताल में ड्यूटी के दौरान एक आशा कार्यकर्ता के साथ कथित मारपीट और दुर्व्यवहार के मामले ने तूल पकड़ लिया है. महिला सुरक्षा गार्ड की ओर से प्राथमिकी दर्ज कराए जाने के बाद बुधवार को दर्जनों आशा कार्यकर्ता शिकारपुर थाना पहुंचीं और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की.
आशा कार्यकर्ताओं ने लगाए मारपीट और दुर्व्यवहार के आरोप
शिकारपुर थाना पहुंचीं आशा संघ की सदस्य सुदरम मिश्रा, मीना देवी, चन्द्रावती देवी, नुरसमा खातून सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने बताया कि 25 जुलाई को आशा कार्यकर्ता हमीदा खातून अपने क्षेत्र की एक गर्भवती महिला को जांच के लिए पीएचसी लेकर आई थीं. उनका आरोप है कि पर्ची दिखाने के दौरान गर्मी की वजह से गर्भवती महिला कतार से हटकर खड़ी हो गई, जिसके बाद ड्यूटी पर तैनात महिला सुरक्षा गार्ड अंशु कुमारी ने उसके साथ दुर्व्यवहार किया. विरोध करने पर अंशु कुमारी तथा अन्य दो महिला सुरक्षा गार्डों पर मारपीट करने का आरोप लगाया गया.
झूठा मुकदमा दर्ज कराने का भी लगाया आरोप
आशा कार्यकर्ताओं का आरोप है कि घटना के बाद उनके खिलाफ शिकारपुर थाना में झूठी प्राथमिकी दर्ज कराई गई, जिसमें सोने का लॉकेट और ₹5 हजार छीनने का आरोप लगाया गया है. उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित सुरक्षा गार्डों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की मांग की.
कार्रवाई नहीं हुई तो हड़ताल की चेतावनी
आशा संघ ने चेतावनी दी है कि यदि दो दिनों के भीतर मामले का समाधान नहीं हुआ तो 31 जुलाई से पीएचसी नरकटियागंज में अनिश्चितकालीन हड़ताल और धरना शुरू किया जाएगा. संघ की ओर से इस संबंध में अस्पताल उपाधीक्षक और सिविल सर्जन को भी ज्ञापन सौंपा गया है.
मामले में महिला सुरक्षा गार्ड द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी के आधार पर पुलिस की कार्रवाई और जांच की प्रक्रिया जारी है.
