ठकराहा. राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 727 एए के निर्माण के लिए हो रहे भूमि अधिग्रहण को लेकर ठकराहा प्रखंड में आयोजित दो दिवसीय मुआवजा शिविर में किसानों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली. शिविर के दौरान 90 प्रतिशत से अधिक प्रभावित रैयतों को मुआवजे से संबंधित नोटिस प्रदान किए गए. मुआवजा वितरण प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से यह शिविर दो स्थानों पर आयोजित किया गया. 15 सितंबर को श्रीनगर उप स्वास्थ्य केंद्र, भगवानपुर और श्रीनगर तथा 16 सितंबर को ठकराहा प्रखंड कार्यालय सभागार में ठकराहा गांव के किसानों के लिए शिविर लगा. दोनों ही दिनों अधिकारी सुबह 10 बजे से मौके पर मौजूद रहे और प्रभावित किसानों को व्यक्तिगत रूप से मुआवजा नोटिस सौंपे. दस्तावेज जमा करने को 30 दिनों का समय अधिकारियों ने बताया कि नोटिस प्राप्त करने वाले किसानों को अगले 30 दिनों के भीतर आवश्यक भू-संबंधी दस्तावेजों के साथ जिला भू-अर्जन कार्यालय में उपस्थित होना होगा. इससे मुआवजे की प्रक्रिया समयबद्ध रूप से पूरी की जा सकेगी. कुछ तकनीकी त्रुटियां भी सामने आईं शिविर के दौरान कुछ किसानों ने दस्तावेजों में हुई त्रुटियों की शिकायत की. किसान ईश्वर तिवारी और पिंटू तिवारी ने बताया कि नोटिस में उनकी जमीन की जानकारी (खाता और खसरा संख्या) तो सही है, लेकिन रैयत के नाम में गलती है. इस पर अधिकारियों ने समस्या के शीघ्र समाधान का भरोसा दिलाया. प्रशासन की अपील अंचलाधिकारी सुमित राज ने सोशल मीडिया के माध्यम से सभी पात्र रैयतों से समय पर उपस्थित होकर आवश्यक दस्तावेज जमा करने की अपील की है. उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता पारदर्शी और निष्पक्ष मुआवजा वितरण सुनिश्चित करना है. परियोजना से जुड़े गांवों को लाभ एनएच-727 एए परियोजना उत्तर प्रदेश के सेवरही ब्लॉक से बिहार के मनुआपुल (बेतिया) तक बनाई जा रही है. इस परियोजना से सेवरही, श्रीनगर, मोतीपुर, ठकराहा और कोइरपट्टी सहित कई पंचायतों के किसान प्रभावित हुए हैं, जिनके लिए मुआवजे की प्रक्रिया तेज़ी से चलाई जा रही है.
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