कर्मियों की समस्याओं का समाधान नहीं होने पर 15 को होगा धरना-प्रदर्शन

बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ की जिला शाखा बेगूसराय की कार्यकारिणी समिति की विस्तारित बैठक शंकर मोची जिला उपाध्यक्ष की अध्यक्षता में कर्मचारी भवन में रविवार को संपन्न हुई.

बेगूसराय. बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ की जिला शाखा बेगूसराय की कार्यकारिणी समिति की विस्तारित बैठक शंकर मोची जिला उपाध्यक्ष की अध्यक्षता में कर्मचारी भवन में रविवार को संपन्न हुई. बैठक के औचित्य पर जिला मंत्री मोहन मुरारी ने विस्तार से चर्चा करते हुए संगठन की मजबूती, कर्मचारियों की समस्याओं, 20 मई 2025 को राष्ट्रव्यापी हड़ताल एवं बीते 02 मई को जिलाधिकारी द्वारा महासंघ के शिष्टमंडलीय वार्ता में अमर्यादित भाषा का प्रयोग सहित विभिन्न बिंदुओं पर प्रकाश डाला. उपस्थित सदस्यों ने अपना-अपना विचार व्यक्त किया. साथ ही, सर्वप्रथम महासंघ के शिष्टमंडलीय वार्ता में जिलाधिकारी द्वारा अमर्यादित भाषा के प्रयोग की घोर निंदा की गयी. साथ ही आक्रोश एवं क्षोभ व्यक्त किया गया. बैठक में कर्मचारी महासंघ के नेताओं ने कहा कि समाहरणालय स्थित विभिन्न कार्यालय एवं क्षेत्रीय कार्यालय में कर्मियों से कार्यालय अवधि के पश्चात नौ से 10:00 बजे रात्रि तक एवं छुट्टी के दिनों में भी कार्य लिया जाना, यहां तक कि एक मई को अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर भी कार्यालय खोलकर कर्मचारियों से कार्य लेने एवं प्रताड़ित करने की कार्रवाई का महासंघ पुरजोर विरोध करती है.

महासंघ ने डीएम पर अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने का लगाया आरोप

जिला पदाधिकारी के इस रवैया से आम कर्मचारियों में काफी आक्रोश एवं असंतोष है. इस मामले का 13 मई तक समाधान नहीं होने पर 15 मई 2025 को जिला पदाधिकारी के समक्ष रोषपूर्ण प्रदर्शन किया जायेगा. इसके बावजूद भी निदान नहीं होने पर पुनः जिला कमेटी की बैठक कर आंदोलन को तीव्र किया जायेगा. जिसकी सारी जवाबदेही जिला प्रशासन की होगी. बैठक में संगठन को मजबूत करने, कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान एवं अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के निर्णय अनुसार एवं राज्य महासंघ के आह्वान पर विभिन्न मांगों को लेकर 20 मई 2025 को आहूत एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल को शत प्रतिशत सफल बनाया जायेगा.

बिहार राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ की जिला कार्यकारिणी समिति की हुई बैठक

बैठक को जिला मंत्री मोहन मुरारी के अतिरिक्त सुधीर कुमार गांधी, अनिल गुप्ता, सुनील कुमार, जितेंद्र राय, कमल किशोर, मनोज कुमार, रामदास ठाकुर, पप्पू कुमार, वसुंधरा कुमारी, सिकंदर कुमार, अनुराग कुमार, रामानंद सागर, सुरेंद्र कुमार, दीपक कुमार, रेणु कुpमारी, मनोरमा कुमारी, बिंदु कुमारी, मुकेश कुमार, सुधा कुमारी, गुंजा कुमारी, रंजू कुमारी, चंद्र मोहन कुमार, अरुण कुमार, नंदकुमार सहित दर्जनों नेताओं एवं कर्मियों ने अपना विचार व्यक्त करते हुए जिला पदाधिकारी के इस रवैया पर आक्रोश व्यक्त किया.

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By Manish kumar

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