Begusarai News: बेगूसराय जिले के तेघड़ा में स्वास्थ्य सेवाओं को जमीनी स्तर पर अधिक सुदृढ़, पारदर्शी और डिजिटल बनाने के उद्देश्य से स्थानीय अनुमंडल अस्पताल में एक दिवसीय एम-आशा (मोबाइल आशा एप्लीकेशन) प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. रामकृष्ण के दिशा-निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रखंड क्षेत्र की सभी आशा कार्यकर्ताओं और आशा फैसिलिटेटरों ने भाग लिया.
आधुनिक एम-आशा ऐप का मिला प्रशिक्षण
प्रशिक्षण के दौरान भव्या समन्वयक कुंदन कुमार तथा पिरामल संस्था के प्रतिनिधि ज्ञानोदय प्रकाश, दीपक मिश्रा और जयंत चौधरी ने मुख्य प्रशिक्षक के रूप में आशा कार्यकर्ताओं को ऐप के तकनीकी पहलुओं से अवगत कराया. एम-आशा एक modern digital health application है, जो पारंपरिक कागजी रजिस्टरों से मुक्ति दिलाकर आशा कार्यकर्ताओं के काम को तेज और सटीक बनाएगा. कार्यक्रम में बीएचएम अनीता कुमारी, बीसीसी शारदा कुमारी, बीएमएनई मो. सहंशा और लेखपाल चंदन कुमार की सक्रिय भूमिका रही.
डिजिटल पंजीकरण और स्वतः ड्यू लिस्ट की सुविधा
इस ऐप के माध्यम से गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं, 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों और किशोरियों का स्वास्थ्य इतिहास दर्ज किया जाएगा. दर्ज डेटा के आधार पर ऐप स्वतः देय सूची (ड्यू लिस्ट) तैयार कर देगा, जिससे टीकाकरण और स्वास्थ्य जांच का समय पर पता चल सकेगा. इसके अलावा गृह भ्रमण का रिकॉर्ड और मासिक रिपोर्टिंग भी सीधे ऐप के जरिए स्वास्थ्य विभाग के सर्वर तक पहुंच जाएगी.
कागजी बोझ से मुक्ति और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं
प्रशिक्षण से आशा कार्यकर्ताओं को कागजी बोझ से मुक्ति मिलेगी और उनके समय की बचत होगी. साथ ही, उच्च जोखिम वाले मामलों की समय पर पहचान होने से मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी आएगी. पारदर्शी प्रोत्साहन राशि और बेहतर समन्वय के माध्यम से तेघड़ा क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार की उम्मीद जताई जा रही है.
