Begusarai News : बेगूसराय. गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर 42.37 मीटर पर पहुंच गया है. जलस्तर में लगातार वृद्धि के कारण जिले के आधा दर्जन प्रखंडों के दर्जनों गांवों में बाढ़ का पानी तेजी से फैल रहा है. इससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है और जनजीवन प्रभावित होने लगा है.
शाम्हो में बाढ़ की स्थिति गंभीर, कई सड़कों पर तीन फीट से अधिक पानी
शाम्हो प्रखंड में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है. अकबरपुर बरारी पंचायत के जगनसैदपुर और पथला टोला सहित लखीसराय जिले के पथुआ जाने वाले मुख्य मार्ग पर तीन फीट से अधिक पानी चढ़ गया है. इससे इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है.
इसके अलावा सोनबरसा-तिलाठी, धनहा और नया कुरहा जाने वाली सड़कें भी बाढ़ के पानी के कारण बाधित हो गई हैं. बीएमसी के निकट भी पानी आने से रास्ता प्रभावित है. सड़क और संपर्क मार्गों पर पानी फैलने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है.
पशुपालकों के सामने चारे का संकट
बाढ़ का पानी निचले इलाकों में फैलने से पशुपालकों के सामने पशुओं के चारे की समस्या भी गहराने लगी है. हालांकि, फिलहाल निचले इलाकों में पानी होने के बावजूद पशुओं को रखने के लिए जगह उपलब्ध है. ग्रामीणों को आशंका है कि जलस्तर में और वृद्धि होने पर पशुओं के लिए भी संकट बढ़ सकता है.
अंचलाधिकारी रजनीश कुमार ने बताया कि फिलहाल सड़कों पर बहुत अधिक पानी नहीं चढ़ा है और प्रशासन अपने स्तर से स्थिति पर नजर बनाए हुए है. उन्होंने बताया कि सोमवार को समीक्षा बैठक की जाएगी. इसके बाद परिस्थितियों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी.
थानाध्यक्ष ने ग्रामीणों से सावधानी बरतने की अपील की
शाम्हो थानाध्यक्ष सत्यव्रत सिंह लगातार ग्रामीणों को सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं. उन्होंने लोगों से बिना आवश्यक काम के बाढ़ के पानी में प्रवेश नहीं करने और बच्चों पर विशेष ध्यान रखने की अपील की है.
मटिहानी के निचले इलाकों में घुसा बाढ़ का पानी
गंगा नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि के कारण मटिहानी प्रखंड के निचले इलाकों में भी बाढ़ का पानी फैल गया है. इससे आम जनजीवन प्रभावित होने के साथ खेतों में लगी फसलों को भी नुकसान पहुंचा है. गोरगामा, मथार, कासिमपुर, खड़गपुर, नयागांव, बलहपुर, चाक छितरौर, सिहमा, महाजी और रामदीरी सहित कई गांव बाढ़ से प्रभावित हैं.
इन गांवों के निचले इलाकों में पानी प्रवेश कर गया है. नयागांव, चाक छितरौर, खोरमपुर और सिहमा सहित कई गांवों में बाढ़ का पानी घरों तक पहुंच गया है. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि गंगा का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो प्रखंड की नौ बाढ़ प्रभावित पंचायतों के आबादी वाले इलाकों में भी पानी प्रवेश कर सकता है. इससे बाढ़ का प्रकोप और बढ़ने की आशंका है.
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फसलों को नुकसान, किसानों की बढ़ी चिंता
बाढ़ के पानी से किसानों को भी काफी नुकसान हुआ है. खेतों में पानी भर जाने के कारण खरीफ फसलों के प्रभावित होने की आशंका है. इससे किसानों की आर्थिक स्थिति पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है. ग्रामीणों का कहना है कि जलस्तर में लगातार वृद्धि से फसल और पशुधन दोनों पर संकट बढ़ रहा है.
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प्रशासन की नजर, जरूरत पर शुरू होगा नाव का संचालन
मटिहानी की अंचलाधिकारी रजनी कुमारी ने बताया कि गंगा नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है. फिलहाल निचले इलाकों में ही पानी प्रवेश किया है. उन्होंने कहा कि आवश्यकता के अनुसार नाव का संचालन शुरू करने के साथ अन्य बाढ़ राहत कार्य भी प्रारंभ किए जाएंगे.
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