बेगूसराय जिले के शाम्हो प्रखंड की 50 हजार से अधिक आबादी को हर साल आने वाली बाढ़ के दौरान होने वाले गंभीर बिजली संकट से स्थायी राहत दिलाने के लिए विद्युत विभाग ने पूरी तरह कमर कस ली है. इसी क्रम में पटना मुख्यालय से आई एक उच्च स्तरीय तकनीकी टीम ने शाम्हो प्रखंड का दौरा कर जमीनी हकीकत का जायजा लिया. इस विशेष टीम में मुख्य अभियंता रिजवान, एसडीओ ऋतुराज मानिक और कार्यपालक अभियंता सुमित सौरभ शामिल रहे.
एसडीओ ऋतुराज मानिक ने इस दौरान जानकारी देते हुए बताया कि विभाग इस दिशा में लगातार सार्थक प्रयास कर रहा है, और इसी का परिणाम है कि मुख्यालय से जांच टीम यहां पहुंची है. वरिष्ठ अधिकारियों ने बिजुलिया ग्रिड तक जाने वाली 33 हजार केवी लाइन के मार्ग में आने वाली सभी बाधाओं को दूर करने की एक ठोस कार्ययोजना तैयार कर ली है.
जनप्रतिनिधियों के प्रयासों को मिली सराहना
इस पूरी पहल के पीछे स्थानीय जनप्रतिनिधियों के लगातार प्रयास की अहम भूमिका रही है, जिसकी अधिकारियों ने भी खुलकर सराहना की.
जिला परिषद अमित कुमार, प्रखंड प्रमुख मनोज कुमार, पंचायत समिति सदस्य रविश कुमार, सीपीआई नेता सुमन कुमार और उप प्रमुख प्रतिनिधि राजेश सिंह लगातार इस मांग को उठाते रहे हैं. इन्हीं जन प्रतिनिधियों के विशेष अनुरोध और प्रयासों के बाद शाम्हो प्रखंड के लिए यह बड़ी पहल संभव हो सकी है.
क्यूल नदी पर बनेगा बड़े टावर वाला पुल
दौरे के दौरान अधिकारियों ने क्यूल नदी में एक बड़े टावर वाले पुल के निर्माण पर भी विशेष जोर दिया है, ताकि बाढ़ के समय भी बिजली आपूर्ति पूरी तरह सुचारू और बहाल बनी रहे. अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बाढ़ का पानी पूरी तरह घटने के बाद इस प्रोजेक्ट पर युद्ध स्तर पर काम शुरू कर दिया जाएगा, जिससे शाम्हो वासियों को भविष्य में बाढ़ के दिनों में अंधेरे और बिजली कटौती से स्थायी मुक्ति मिल सकेगी.
