बेगूसराय जिले की औषधि दुकानों में दवाओं के सुरक्षित भंडारण, उनकी वैध खरीद-बिक्री तथा दस्तावेजों के सही संधारण की व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने अब सख्ती बढ़ा दी है. इसी क्रम में सदर एसडीएम अश्वनी कुमार के नेतृत्व में शहर की चार प्रमुख मेडिकल दुकानों में औचक छापेमारी एवं निरीक्षण की कड़ी कार्रवाई की गई. इस विशेष अभियान के दौरान दो खुदरा (रिटेल) तथा दो थोक (होलसेल) औषधि प्रतिष्ठानों की विस्तृत जांच की गई.
एसडीएम की टीम द्वारा की गई इस जांच के दौरान न्यू जेके मेडिको, शकुंतला फार्मा, मेसर्स मेडिको तथा आर्या ड्रग्स एजेंसी का निरीक्षण किया गया. इस दौरान अधिकारियों ने दुकानों में उपलब्ध औषधियों के भंडारण, उनके रख-रखाव, बिक्री व्यवस्था तथा इससे जुड़े सभी आवश्यक दस्तावेजों की बारीकी से जांच-पड़ताल की. निरीक्षण के दौरान दुकानदारों को यह सख्त निर्देश दिया गया कि वे दवाओं की खरीद-बिक्री और उनके भंडारण से जुड़े तमाम नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करना सुनिश्चित करें.
नियमों के उल्लंघन पर होगी कड़ी कार्रवाई
प्रशासन की ओर से यह स्पष्ट रूप से कहा गया है कि औषधियों का भंडारण, क्रय एवं विक्रय हर हाल में 'औषधि एवं प्रसाधन अधिनियम, 1940' तथा 'नियमावली, 1945' के निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप ही किया जाना चाहिए. यदि जांच के दौरान कोई भी सामग्री नियमों के विपरीत पाई जाती है, तो उसे तत्काल हटाने तथा उसके स्थान पर नियमानुसार वैध व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए.
निरीक्षण के दौरान थोक औषधि प्रतिष्ठानों (होलसेलर्स) को विशेष रूप से निर्देशित किया गया कि वे किसी भी स्थिति में दवाओं का खुदरा विक्रय न करें. थोक एवं खुदरा बिक्री के लिए तय किए गए नियमों और लाइसेंस की शर्तों का सख्ती से पालन करने को कहा गया है.
वहीं, खुदरा औषधि दुकानदारों को दवाओं की बिक्री से संबंधित सभी जरूरी बिल और दस्तावेजों का नियमानुसार संधारण करने का निर्देश दिया गया. अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि दवाओं की खरीद और बिक्री का पूरा रिकॉर्ड व्यवस्थित एवं अद्यतन रखा जाना अनिवार्य है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर उसकी तुरंत जांच की जा सके.
प्रशासन की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से स्थानीय मेडिकल दुकानदारों और दवा कारोबारियों में पूरे दिन हड़कंप की स्थिति बनी रही. प्रशासनिक अधिकारियों ने चेतावनी देते हुए कहा है कि औषधि कारोबार में नियमों की अनदेखी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
दवाओं की गुणवत्ता, सुरक्षित भंडारण और पूरी तरह नियमानुसार बिक्री सुनिश्चित करने के लिए आगे भी इस तरह की औचक जांच और निरीक्षण की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी.
