Begusarai Floods: जिले के साहेबपुरकमाल प्रखंड में गंगा नदी के बढ़े जलस्तर से घिरे प्रभावित परिवारों के बीच राहत एवं बचाव अभियान तेज कर दिया गया है. बीडीओ रवि सिन्हा, सीओ संतोष कुमार, प्रखंड प्रमुख प्रतिनिधि मनीष राय और पंचायत समिति सदस्य (पंसस) अभिषेक मिश्रा ने बुधवार को राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीम के साथ नाव से बाढ़ प्रभावित सलेमाबाद, ज्ञान टोल, बहलोरिया और हीरा टोल सहित कई अन्य गांवों का सघन दौरा किया. प्रशासनिक टीम ने बाढ़ पीड़ितों से मिलकर उनका कुशलक्षेम जाना और सरकार द्वारा मुहैया कराई जा रही सहायता का प्रत्यक्ष फीडबैक लिया.
राहत शिविरों में भोजन और धैर्य रखने की अपील
सलेमाबाद पहुंचे अधिकारियों ने बाढ़ पीड़ितों से राहत शिविरों में पहुंचकर समय पर भोजन और नाश्ते का लाभ लेने की अपील की. जो बुजुर्ग या असहाय लोग शिविर तक आने-जाने में असमर्थ हैं, उनके परिजनों को शिविर से भोजन घर ले जाने की सलाह दी गई. अधिकारियों ने ग्रामीणों का ढाढ़स बंधाते हुए कहा कि "आपदा की इस घड़ी में सरकार और प्रशासन पूरी तरह आपके साथ खड़ा है, इसलिए किसी को भी घबराने की जरूरत नहीं है. हर पीड़ित परिवार तक आवश्यक सहायता पहुंचाई जाएगी." इस दौरान टीम ने प्रभावित इलाकों में संचालित स्वास्थ्य शिविरों का भी निरीक्षण कर दवाओं की उपलब्धता और चिकित्सा सुविधाओं की स्थिति देखी.
राहत शिविरों में चखा खाना, जांची गुणवत्ता
प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रखंड क्षेत्र के कमला स्थान, रसलपुर विद्यालय, शालीग्रामी, रघुनाथपुर, श्रीनगर और हीरा टोल में चलाए जा रहे सामुदायिक राहत किचन शिविरों का जायजा लिया. अधिकारियों ने खुद भोजन चखकर उसकी गुणवत्ता और स्वाद की जांच की तथा रसोई प्रभारियों को स्वच्छ व पौष्टिक भोजन तैयार करने के सख्त निर्देश दिए.
2700 परिवारों को तिरपाल और 12 सरकारी नावें तैनात
राहत कार्यों का ब्योरा साझा करते हुए सीओ संतोष कुमार ने बताया कि "बाढ़ पीड़ितों को हाट-बाजार, दफ्तर, कॉलेज और जरूरी कार्यों के लिए गांव से मुख्य सड़क तक आने-जाने हेतु कुल 12 सरकारी नावों का नियमित परिचालन कराया जा रहा है." उन्होंने आगे बताया कि "खुले आसमान के नीचे शरण लिए 2700 बाढ़ पीड़ित परिवारों के बीच सुरक्षित प्लास्टिक तिरपाल का वितरण पूरा किया जा चुका है. इसके अतिरिक्त सलेमाबाद, ज्ञान टोल, बहलोरिया, श्रीनगर, रघुनाथपुर, शालीग्रामी और हीरा टोल के पीड़ितों के लिए कुल 8 राहत किचन शिविरों में तीनों पहर भोजन-नाश्ता दिया जा रहा है."
775 पशुपालकों के बीच भूसा का वितरण
बाढ़ के कारण इंसानों के साथ-साथ मवेशियों के चारे का संकट भी गहरा गया है. इसे देखते हुए पशुपालन विभाग की ओर से चारा वितरण शुरू किया गया है. प्रखंड पशु चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने जानकारी दी कि "बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के 996 बड़े और 89 छोटे पशुओं के लिए 775 पशुपालक किसानों के बीच अब तक कुल 183 क्विंटल 20 किलोग्राम भूसा का वितरण किया जा चुका है." उन्होंने बताया कि बीमार पशुओं के प्राथमिक उपचार के लिए सचल पशु चिकित्सा दल भी लगातार नजर बनाए हुए है.Flood situation near Ganges
