एशिया की सबसे बड़ी कांवर झील के संरक्षण मामले में NGT सख्त, बिहार सरकार समेत नौ संस्थाओं को जारी किया नोटिस

Kanwar Lake Begusarai: राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने बेगूसराय की एशिया की सबसे बड़ी कांवर झील के संरक्षण को लेकर स्वतः संज्ञान लिया है. अतिक्रमण, जलवायु परिवर्तन और मछुआरा समुदाय की आजीविका पर पड़ रहे प्रभावों को देखते हुए, NGT ने बिहार सरकार समेत नौ प्रमुख संस्थाओं को पक्षकार बनाया है.

Kanwar Lake Begusarai: बेगूसराय जिले में स्थित एशिया की सबसे बड़ी ऑक्सबो झीलों में से एक 'कांवर झील' (काबरताल वेटलैंड) के संरक्षण को लेकर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने एक बड़ा कदम उठाया है. एनजीटी की प्रधान पीठ, नई दिल्ली ने एक अंग्रेजी अखबार की खबर के आधार पर इस मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए अपनी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है.

कांवर झील मामले में NGT ने लिया स्वतं संज्ञान

बेगूसराय के इस अत्यंत महत्वपूर्ण पर्यावरणीय मामले की सुनवाई नई दिल्ली में की गई. इस गंभीर मामले की सुनवाई माननीय न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव, अध्यक्ष, राष्ट्रीय हरित अधिकरण तथा माननीय डॉ. अफरोज अहमद, विशेषज्ञ सदस्य की पीठ ने की और मामले के विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की.


अतिक्रमण और पर्यावरणीय प्रभाव संकट

बेगूसराय जिले के चेरिया बरियारपुर क्षेत्र में स्थित इस झील को वर्ष 2020 में रामसर साइट का दर्जा प्राप्त हुआ था. एनजीटी ने अपने आदेश में कहा कि समाचार रिपोर्ट में कंवर झील पर पिछले दो दशकों से हो रहे अतिक्रमण, जलवायु परिवर्तन और सामाजिक संघर्षों के कारण उत्पन्न पर्यावरणीय प्रभावों का साफ उल्लेख किया गया है.


कावर झील में नौका विहार।

मछुआरा समुदाय की आजीविका प्रभावित

बेगूसराय की यह विशाल झील स्थानीय मछुआरा समुदाय की आजीविका का महत्वपूर्ण स्रोत रही है. लेकिन पीठ ने उल्लेख किया कि जल स्तर में कमी, जल क्षेत्र के विखंडन और पर्यावरणीय दबावों के कारण मत्स्य उत्पादन में भारी गिरावट आई है. झील में पाई जाने वाली कई मछली प्रजातियों के प्रभावित होने तथा जैव विविधता पर खतरे का भी समाचार में उल्लेख है.

महत्वपूर्ण पर्यावरणीय कानून के मुद्दे

बेगूसराय के इस मामले को लेकर एनजीटी ने कड़ा रुख अपनाया है. एनजीटी ने स्पष्ट कहा कि यह पूरा मामला पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986, जैव विविधता अधिनियम, 2002 तथा जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम के प्रावधानों से संबंधित अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील पर्यावरणीय मुद्दे उठाता है, जिस पर कार्रवाई आवश्यक है.


कावर झील की एक तस्वीर

नौ प्रमुख संस्थाएं बनीं पक्षकार

बेगूसराय की इस धरोहर को बचाने के लिए एनजीटी ने बिहार राज्य सरकार (मुख्य सचिव के माध्यम से), केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण तथा पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को पक्षकार बनाया है. इनके साथ ही प्रधान मुख्य वन संरक्षक, बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, बिहार राज्य जैव विविधता बोर्ड, मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक और बिहार के पर्यावरण विभाग को भी पक्षकार बनाया गया है.


कावर झील में नौका विहार।

जवाब दाखिल करने के निर्देश

बेगूसराय के इस मामले में अधिकरण ने सभी प्रतिवादियों को निर्देश दिया है कि वे अपने जवाब अथवा प्रतिक्रिया शपथपत्र के माध्यम से दाखिल करें. यदि कोई प्रतिवादी अपने अधिवक्ता के माध्यम से जवाब दाखिल किए बिना सीधे जवाब प्रस्तुत करता है, तो उसे अगली सुनवाई में वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहकर अधिकरण की सहायता करनी होगी.

कोलकाता पीठ को ट्रांसफर मामला

बेगूसराय का यह मामला एनजीटी की पूर्वी क्षेत्रीय पीठ, कोलकाता के क्षेत्राधिकार से संबंधित है. इसलिए प्रधान पीठ ने इस मामले को आगे की प्रभावी कानूनी कार्रवाई के लिए राष्ट्रीय हरित अधिकरण, पूर्वी क्षेत्रीय पीठ, कोलकाता को स्थानांतरित कर दिया है. इस पूरे मामले की अगली सुनवाई अब पूर्वी क्षेत्रीय पीठ, कोलकाता में संपन्न होगी.

Also Read: Begusarai News : कांवर झील में मछलियों की प्रजातियां हो रही हैं विलुप्त, जैव विविधता पर खतरा


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Vikash Jha

विकाश झा डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में छह वर्षों से अधिक का अनुभव रखते हैं. उन्होंने पटना यूनिवर्सिटी से मास कम्यूनिकेशन में स्नातक तथा माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त की है. स्पोर्ट्स, हाइपरलोकल और पॉलिटिकल पत्रकारिता उनकी विशेष रुचि और विशेषज्ञता के क्षेत्र हैं. क्रिकेट, समाज और राजनीति से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष पकड़ है. वे तथ्य आधारित, प्रभावशाली और पाठक-केंद्रित कंटेंट तैयार करने में रुचि रखते हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >