Begusarai News: बेगूसराय जिले के जिला जज द्वितीय सह एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश ब्रजेश कुमार सिंह की अदालत ने मुफस्सिल थाना कांड संख्या 98/2014 की सुनवाई करते हुए मटिहानी के वर्तमान विधायक नरेंद्र कुमार सिंह उर्फ बोगो सिंह को साक्ष्य के अभाव में बाइज्जत रिहा करने का फैसला सुनाया है. इसके साथ ही अदालत ने समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों की निस्वार्थ मदद करने की सलाह भी दी.
2014 का है मामला, जमीन विवाद और पुलिस पर हमले का था आरोप
मामले की पृष्ठभूमि के अनुसार, 19 मार्च 2014 को बेगूसराय के सिंघौल क्षेत्र स्थित तौजी नंबर 2802, खाता नंबर 164 की जमीन को लेकर विवाद हुआ था. आरोप था कि विधायक बोगो सिंह अपने समर्थकों के साथ मिलकर जमीन पर जबरन चाहरदीवारी का निर्माण करवा रहे थे, जिसका विरोध दूसरे पक्ष के लोग कर रहे थे. दोनों पक्षों में मारपीट शुरू होने की सूचना पर जब पुलिस-प्रशासन की टीम बीच-बचाव और समझाने पहुंची, तो उग्र भीड़ ने पुलिस बल पर हिंसक हमला कर दिया था. इस हमले में होमगार्ड जवान अनिरुद्ध यादव गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे.
अदालत में गवाहों के बयान से साबित नहीं हुआ आरोप
अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक राम प्रकाश यादव ने कुल 6 सरकारी गवाहों को अदालत में पेश किया. इनमें तत्कालीन सदर अंचलाधिकारी सूचक निरंजन कुमार, सिंघौल थानाध्यक्ष राघवेंद्र कुमार, अनुसंधानकर्ता ललित कुमार, डॉ. गोपाल मिश्रा, होमगार्ड जवान अनिरुद्ध यादव और चौकीदार जवाहर पासवान शामिल थे.
हालांकि, सुनवाई के दौरान सभी सरकारी गवाहों ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि घटना के समय और हिंसा के दौरान विधायक नरेंद्र कुमार सिंह उर्फ बोगो सिंह मौके पर उपस्थित नहीं थे. किसी भी गवाह द्वारा घटनास्थल पर विधायक की मौजूदगी साबित न किए जाने पर अदालत ने साक्ष्य के अभाव में उन्हें बरी करने का आदेश जारी किया.
