बेगूसराय में घायल मरीज के पैर में कार्टन लगाने के मामले की जांच, डॉक्टर की प्रतिनियुक्ति खत्म

Begusarai News : बेगूसराय के मंझौल अस्पताल में मरीज के पैर में कार्टन लगाने के मामले में चिकित्सा पदाधिकारी को हटाया गया और स्पष्टीकरण मांगा गया है.

Begusarai News : अनुमंडलीय अस्पताल, मंझौल में सड़क दुर्घटना में घायल मरीज कृष्ण कुमार के इलाज के दौरान पैर में कार्टन लगाए जाने से संबंधित प्रसारित वीडियो का स्वास्थ्य विभाग ने संज्ञान लिया. मामले की जांच जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी, बेगूसराय द्वारा करायी गयी. जांच के दौरान अस्पताल में स्थल निरीक्षण कर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक, अस्पताल प्रबंधक एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मियों से घटना के संबंध में जानकारी ली गयी.

15 जुलाई को सड़क दुर्घटना में घायल हुए थे कृष्ण कुमार

जांच में पाया गया कि बीते 15 जुलाई को सड़क दुर्घटना में घायल कृष्ण कुमार को अनुमंडलीय अस्पताल, मंझौल लाया गया था. अस्पताल में उनका प्राथमिक उपचार किया गया और आवश्यक जांच के लिए एक्स-रे कराने की सलाह दी गयी. अस्पताल में रात के समय एक्स-रे की सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण मरीज को सदर अस्पताल, बेगूसराय रेफर कर दिया गया था.

स्पलाइंट उपलब्ध नहीं होने पर कार्टन का किया गया इस्तेमाल

जांच के दौरान बताया गया कि अस्पताल में स्पलाइंट उपलब्ध नहीं रहने के कारण आपात स्थिति में मरीज के पैर को स्थिर रखने के उद्देश्य से उपलब्ध कार्टन का इस्तेमाल किया गया. जांच प्रतिवेदन में इसे आपात स्थिति में किया गया प्रयास माना गया है. हालांकि, कार्टन का इस्तेमाल मानक चिकित्सीय प्रक्रिया का स्वीकार्य विकल्प नहीं है. इस संबंध में अस्पताल प्रबंधन को आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने और भविष्य में ऐसी स्थिति की पुनरावृत्ति नहीं होने के निर्देश दिये गये हैं.

डॉ. अभिनव प्रियदर्शी की प्रतिनियुक्ति तत्काल प्रभाव से खत्म

मामले में रेफरल अस्पताल, मंझौल में प्रतिनियुक्त चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अभिनव प्रियदर्शी की प्रतिनियुक्ति तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गयी है. उन्हें मूल पदस्थापन अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, रामपुर बसवन, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, मटिहानी में योगदान करने का निर्देश दिया गया है. साथ ही कर्तव्य में लापरवाही को लेकर उनसे स्पष्टीकरण की मांग की गयी है.

स्वास्थ्य सुविधा में लापरवाही पर होगी कार्रवाई

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में मरीजों को मानक के अनुरूप चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी. मामले से संबंधित जांच प्रतिवेदन अग्रेतर कार्रवाई के लिए स्वास्थ्य विभाग, बिहार, पटना को भेज दिया गया है.

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By Bipin Kumar Mishra

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