Begusarai News : फुलमालिक पंचायत के खरहट गांव निवासी एवं कबीर मठ के संस्थापक 91 वर्षीय महंत अशर्फी दास का लंबी बीमारी के बाद आकस्मिक निधन हो गया. उनके निधन की सूचना मिलते ही कबीर पंथियों और ग्रामीणों में शोक की लहर दौड़ गई. महंत के अंतिम दर्शन के लिए आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में कबीर पंथी और ग्रामीण पहुंचे.
अंतिम दर्शन के लिए उमड़ी भीड़
महंत अशर्फी दास के निधन की खबर सुनकर फुलमालिक, समस्तीपुर, दूरकपुर, रघुनाथपुर, डंडारी, सुगरहन और नौआगढ़ी सहित विभिन्न गांवों से कबीर पंथियों की भीड़ अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़ी. लोगों ने उनके पार्थिव शरीर पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी.
कबीर साहब के विचारों का देते रहे संदेश
ग्रामीणों के अनुसार, महंत अशर्फी दास कबीरपंथी दल के जाने-माने संत और संत कबीर साहब के अनुयायी थे. वह हमेशा लोगों को सच्चाई और ईमानदारी के रास्ते पर चलने का संदेश देते थे. मधुर वाणी और सरल व्यवहार के कारण उन्होंने लोगों के बीच अपनी अलग पहचान बनाई थी. वह लोगों को संत कबीर साहब के विचारों और सिद्धांतों पर चलने के लिए प्रेरित करते रहे.
मल्हीपुर गंगा घाट पर हुआ अंतिम संस्कार
सोमवार को हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार मल्हीपुर गंगा घाट पर महंत अशर्फी दास का अंतिम संस्कार किया गया. इस दौरान बड़ी संख्या में कबीर पंथी, ग्रामीण और उनके अनुयायी मौजूद रहे. सभी ने नम आंखों से महंत को अंतिम विदाई दी.
सैकड़ों कबीर पंथी और ग्रामीण रहे मौजूद
अंतिम संस्कार के मौके पर दामोदर दास, तारणी यादव, जनार्दन पंडित, श्यामदास यादव, राम बच्चन दास, नंददेव कुमार, सुबोध प्रसाद यादव, सज्जन यादव, साधु यादव, शीत पासवान, राजनीति यादव, संजो साहब, राज कुमार महतो सहित सैकड़ों कबीर पंथी और ग्रामीण उपस्थित रहे. महंत अशर्फी दास के निधन से क्षेत्र में शोक का माहौल है.
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