अक्षय तृतीया पर जयमंगला वाहिनी परिवार ने निकाली धार्मिक यात्रा

बाबा परशुराम के जन्मोत्सव पर जयमंगला वाहिनी के द्वारा बुधवार अक्षय तृतीया को जयमंगलागढ़ से मोकामा परशुराम राजकीय मेला परिसर तक बिहार का सबसे लंबा धार्मिक यात्रा लगभग 70 किलोमीटर का एक भव्य समरसता यात्रा निकाला गया.

बेगूसराय. बाबा परशुराम के जन्मोत्सव पर जयमंगला वाहिनी के द्वारा बुधवार अक्षय तृतीया को जयमंगलागढ़ से मोकामा परशुराम राजकीय मेला परिसर तक बिहार का सबसे लंबा धार्मिक यात्रा लगभग 70 किलोमीटर का एक भव्य समरसता यात्रा निकाला गया. यात्रा मोकामा पहुंचते ही वहां पर पुष्प वर्षा की गयी. भगवा ध्वज, भगवान परशुराम के कटआउट व तस्वीरों के साथ जयमंगला माता की पूजा-अर्चना कर यात्रा माता का आशीर्वाद लेकर यात्रा की शुरुआत की गयी. यात्रा में बेगूसराय नगर निगम की महापौर पिंकी देवी, पूर्व महापौर संजय सिंह, समाजसेवी सोनू शंकर, संजय गौतम ने शामिल हो कर जयमंगला वाहिनी परिवार का हौसला बढ़ाते हुए बिहार की सबसे लंबी धार्मिक यात्रा निकालने के लिए बधाई व शुभकामनाएं दी.

धार्मिक यात्रा में काफी संख्या में लोग हुए शामिल

यात्रा का नेतृत्व कर रहे अमर गौतम और अंचल गौतम ने कहा कि अक्षय तृतीया पर बाबा परशुराम धार्मिक समरसता यात्रा का आयोजन वर्ष 2017 से अनवरत रूप से चलती आ रही है. मोकामा स्थित भगवान परशुराम पौराणिक मंदिर में आयोजित राजकीय मेले के अवसर पर संपूर्ण जिलेवासियों के सहयोग से समरसता धर्म यात्रा निकाली जाती है. कार्यक्रम के मीडिया प्रभारी सुमित कुमार व अभिजीत रंजन ने बताया कि परशुराम जी के जन्मोत्सव पर जयमंगला गढ़ से पूजा-अर्चना कर यात्रा प्रारंभ किया गया।ये यात्रा जयमंगलागढ़ से मंझौल, राजौरा, मोहनपुर,पन्हास, हर हर महादेव चौक , जीरोमाइल, बीहट बड़ी दुर्गा मंदिर, सिमरिया , हाथीदह होते हुए मोकामा के बाबा परशुराम मंदिर में जा के संपन्न हुई. अवनीश कुमार उर्फ सिंह मालिक व शिवम ने कहा कि इस यात्रा की शुरुआत मिथिला की संस्कृति को मगध की संस्कृति से जोड़ने का प्रयास है. यात्रा का आगाज़ कर हमलोग मोकामा में अपने आराध्य बाबा परशुराम का आशीर्वाद ग्रहण कर कामना किया कि सम्पूर्ण राष्ट्र का विकास हो. अमन व सोनू कुमार ने भगवान परशुराम के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि हर वर्ष वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को इनकी जयंती मनायी जाती हैं. भगवान परशुराम को विष्णु भगवान का छठा अवतार माना जाता हैं. उनका जन्म ऋषि जमदग्नी व रेणुका के पुत्र के रूप में हुआ था. भगवान परशुराम का जन्म न्याय के प्रति उनके योगदान के सम्मान में मनायी जाती है. भक्तगण साहस, शक्ति और बुराई से सुरक्षा के लिए उनका आशीर्वाद मांगते हैं. जयमंगला वाहिनी परिवार के उपाध्यक्ष सुजीत गुप्ता व चंदा चौहान ने कहा कि यात्रा के दौरान सभी लोगों में गजब का उत्साह देखने को मिला. मनीष कुमार व शुभम कुमार ने परशुराम राजकीय मेला समिति प्रबंधन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आप सभी के द्वारा जो स्वागत किया उससे अभिभूत हूं. ये यात्रा जो ज़िले व दो संस्कृति को आपस मे जोड़ने का कार्य करती है,ये यात्रा आने वाले समय में भी अनवरत रूप से जारी रहेगी. जयमंगला वाहिनी परिवार के अध्यक्ष महेश वत्स ने यात्रा में शामिल हो कर यात्रा को सफल बनाने में अपना विशेष योगदान देने वाले अंचल गौतम, अमर गौतम, हरिओम, सोनू, अभिजीत रंजन, सुमित, आकाश, अवनीश कुमार सहित यात्रा को सफल बनाने में योगदान दे रहे सभी आमजनों के प्रति आभार व्यक्त किया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Manish kumar

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >