उच्च शिक्षा में महाविद्यालयों की स्वायत्तता पर सेमिनार, बिहार राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम 2026 पर जताई चिंता

Begusarai News : बिहार में उच्च शिक्षा संस्थानों की स्वायत्तता और नए अधिनियम पर सेमिनार. विशेषज्ञों ने इसे शैक्षणिक स्वतंत्रता के लिए बड़ा खतरा बताया है.

Begusarai News : उच्च शिक्षा में महाविद्यालयों की स्वायत्तता और बिहार सरकार की भूमिका, अवसर, चुनौतियां और भविष्य की दिशा विषय पर सत्यक गुरुकुल अर्चना बिहार में सेमिनार का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का आयोजन विंग कमांडर रंजीत कुमार द्वारा किया गया. कार्यक्रम का संचालन एवं विषय प्रवेश करते हुए उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता प्राप्ति के समय से ही उच्च शिक्षण संस्थानों में स्वायत्तता की व्यवस्था पूरे देश में कायम रही है. उनका आरोप था कि बिहार सरकार बिहार राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम, 2026 के माध्यम से पूर्व की स्वायत्तता और स्थापित व्यवस्था में बदलाव का प्रयास कर रही है.

उन्होंने कहा कि यह प्रयास महाविद्यालयों की प्रशासनिक व्यवस्था को सरकार के अधीन करने के साथ-साथ महाविद्यालय के शिक्षकों के विश्वविद्यालय में प्रोफेसर बनने के मार्ग को भी बाधित कर सकता है. उन्होंने बताया कि महाविद्यालय के शिक्षक समुदाय और छात्र संगठनों ने इसका विरोध किया है. उन्होंने शिक्षा से जुड़े इस मुद्दे पर बुद्धिजीवियों से एकजुट होकर आवाज उठाने की अपील की.

उच्च शिक्षा में सरकारी हस्तक्षेप पर उठाए सवाल

एपीएसएम कॉलेज, बरौनी के प्राध्यापक लव कुमार ने कहा कि बिहार की वर्तमान एनडीए सरकार उच्च शिक्षा में हस्तक्षेप कर राजभवन और कुलपति के प्रभाव को कम करना चाहती है. वहीं, जीडी कॉलेज के विभागाध्यक्ष एवं राजकीय डिग्री कॉलेज, बांका के प्रभारी प्राचार्य डॉ. शशिकांत पांडेय ने कहा कि वास्तविक अर्थों में अभी भी महाविद्यालयों की स्वायत्तता पूरी तरह अक्षुण्ण नहीं है.

श्रीकृष्ण महिला महाविद्यालय की सेवानिवृत्त प्राचार्या डॉ. स्वप्ना चौधरी ने कहा कि सरकार का यह प्रयास उच्च शिक्षा पर आघात है. आरसीएस कॉलेज, मंझौल के प्रभारी प्राचार्य डॉ. कमलेश ने कहा कि सरकार महाविद्यालयों को अलग कर सीधे नौकरशाही के अधीन लाना चाहती है. इससे महाविद्यालयों की शैक्षणिक स्वतंत्रता समाप्त हो सकती है.

अधिनियम के माध्यम से महाविद्यालयों पर नियंत्रण का आरोप

बिहार राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम, 2026 के परिप्रेक्ष्य में महाविद्यालयों की स्वायत्तता पर उत्पन्न संकट विषय पर आयोजित सेमिनार में बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. सुरेश प्रसाद राय ने संवादों का समाहार एवं कृतज्ञता ज्ञापन किया. उन्होंने सभी वक्ताओं एवं उपस्थित विद्वतजनों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विंग कमांडर रंजीत कुमार और उनकी संस्था सैप्स ने व्यापक शिक्षा हित में महत्वपूर्ण पहल की है.

डॉ. राय ने कहा कि स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद डॉ. राधाकृष्णन आयोग की अनुशंसा पर पूरे देश में उच्च शिक्षण संस्थानों में स्वायत्तता की व्यवस्था को मजबूत किया गया और इसी उद्देश्य से विश्वविद्यालय अनुदान आयोग जैसी स्वायत्त संस्था का गठन किया गया. उन्होंने कहा कि वर्तमान में भी देश के अधिकांश विश्वविद्यालय और महाविद्यालय स्वायत्त संस्थाओं के रूप में कार्य कर रहे हैं.

उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार सरकार इस अधिनियम के माध्यम से महाविद्यालयों को राजभवन एवं विश्वविद्यालय के नियंत्रण से मुक्त कर सीधे अपने अधीन लाना चाहती है. उन्होंने कहा कि इससे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रभावित होने के साथ ही प्राध्यापकों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर भी असर पड़ सकता है.

Also Read : औरंगाबाद में एएसआई प्रीतेश कुमार के स्थानांतरण पर विदाई समारोह, लोगों ने कार्यकाल को सराहा

जिले में पहली बार संवेदनशील मुद्दे पर आयोजन का दावा

डॉ. राय ने विंग कमांडर रंजीत कुमार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे संवेदनशील मुद्दे पर जिले में यह पहला कार्यक्रम आयोजित किया गया है. उन्होंने सैप्स की पहल को सराहनीय एवं अनुकरणीय बताया. उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों की व्यवस्था में बदलाव का सीधा प्रभाव शिक्षा की गुणवत्ता और शिक्षकों की कार्यप्रणाली पर पड़ सकता है.

Also Read : औरंगाबाद में किसना डायमंड एंड गोल्ड ज्वेलरी के 20वें एक्सक्लूसिव शोरूम का शुभारंभ

शिक्षाविदों और बुद्धिजीवियों ने लिया हिस्सा

सेमिनार में प्रो. कल्पना कुमारी, करिश्मा कुमारी, प्रो. गोविंद कुमार, आलोक कुमार, अशोक कुमार सिंह, चंद्रशेखर चौरसिया, डॉ. मुरारी, अशोक कुमार प्रसाद, मोहन कुमार सहित दर्जनों शिक्षाविद और बुद्धिजीवी उपस्थित थे. कार्यक्रम में बिहार राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम, 2026 के संदर्भ में महाविद्यालयों की स्वायत्तता, प्रशासनिक व्यवस्था और उच्च शिक्षा की गुणवत्ता से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया गया.

Also Read : औरंगाबाद में नगर निगम बनाने की मांग तेज, 30 अगस्त से पहले प्रस्ताव भेजने की उठी आवाज


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By विपिन कुमार मिश्र

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >