flood in Begusarai : बेगूसराय जिले में गंगा के बढ़ते जलस्तर से जिले के बाढ़ प्रभावित इलाकों में संकट गहराता जा रहा है. बिंद टोली और मल्हीपुर के कई घरों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है. वहीं, मल्हीपुर दक्षिण पंचायत के आठ वार्डों में पानी पहुंचने से बड़ी आबादी प्रभावित है. सबसे गंभीर स्थिति सिमरिया में बनी हुई है, जहां श्मशान घाट जाने वाली मुख्य सड़क पर पानी फैल जाने से लोगों को अंतिम संस्कार के लिए वैकल्पिक रास्ते का सहारा लेना पड़ रहा है.
श्मशान घाट का रास्ता डूबा, रामघाट ले जा रहे शव
सिमरिया में बाढ़ का पानी श्मशान घाट की ओर जाने वाली मुख्य सड़क तक पहुंच गया है. सड़क पर पानी जमा होने के कारण शवयात्रियों को घाट तक पहुंचने में परेशानी हो रही है. ऐसे में ग्रामीण मजबूरी में गंगा तट के पश्चिम स्थित रामघाट की ओर शव ले जा रहे हैं.
ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ ने पहले घर और खेतों को प्रभावित किया, लेकिन अब इसका असर अंतिम संस्कार जैसी जरूरी धार्मिक प्रक्रिया पर भी पड़ने लगा है. श्मशान घाट का रास्ता डूब जाने से लोगों की परेशानी और बढ़ गयी है.
आठ वार्डों में पहुंचा बाढ़ का पानी
मल्हीपुर दक्षिण पंचायत के पूर्व वार्ड सदस्य रौदी कुमार के अनुसार पंचायत के वार्ड संख्या 8, 9, 10, 11, 12, 13, 14 और 15 बाढ़ से प्रभावित हैं. कई घरों में पानी प्रवेश कर चुका है. जलस्तर लगातार बढ़ने से परिवारों के सामने सुरक्षित स्थान पर जाने की चुनौती खड़ी हो गयी है. कई लोग घर का जरूरी सामान समेटकर ऊंचे स्थानों की ओर जाने लगे हैं.
बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा की चिंता
बाढ़ के कारण बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर परिवारों की चिंता बढ़ गयी है. ग्रामीणों के मुताबिक घरों में पानी घुसने से भोजन बनाने तक की समस्या उत्पन्न हो गयी है. पानी लगातार बढ़ने से लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गयी है. मवेशियों के लिए चारे की व्यवस्था करना भी मुश्किल हो रहा है.
घरों और आसपास पानी जमा होने से शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं का इस्तेमाल भी मुश्किल हो गया है. ग्रामीणों को आशंका है कि जलस्तर में और वृद्धि हुई तो लोगों के साथ-साथ मवेशियों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाना भी चुनौतीपूर्ण हो जाएगा.
राहत और सुरक्षित आवागमन की मांग
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से प्रभावित परिवारों के लिए तत्काल राहत सामग्री, सुरक्षित आवागमन और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, इसलिए प्रशासन को संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाने के साथ प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था करनी चाहिए.
