Begusarai Floods: बेगूसराय जिले के मटिहानी प्रखंड क्षेत्र में गंगा नदी के जलस्तर में हो रही लगातार वृद्धि से बाढ़ की स्थिति बेहद विकराल हो गई है. कई पंचायतों के रिहायशी इलाकों और घरों के अंदर बाढ़ का पानी तेजी से प्रवेश कर चुका है. इस आपदा के कारण आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है और लोगों के सामने दैनिक जीवन यापन का बड़ा संकट खड़ा हो गया है.
दर्जनों गांवों में घुसा पानी, पलायन को मजबूर लोग
प्रखंड क्षेत्र के गोरगामा, मथार, कासिमपुर, खड़गपुर, नयागांव, बलहपुर, मटिहानी, सिहमा, लवहरचक, महाजी, भवानंदपुर, रामनगर, सीतारामपुर, रचियाही और जगतपुरा सहित दर्जनों गांव बाढ़ से सर्वाधिक प्रभावित हुए हैं. इसके अतिरिक्त बेगूसराय नगर निगम के वार्ड संख्या 18 लवहरचक तथा सिहमा महादलित टोले में भी बाढ़ का पानी कई घरों में समा गया है. हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि लोग अपने आशियाने छोड़कर सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हो रहे हैं.
मवेशियों के चारे का संकट गहराया
बाढ़ का फैलाव खेतों और चारागाहों तक होने की वजह से पशुपालकों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं. मवेशियों के लिए सूखे चारे और हरे चारे की गंभीर किल्लत पैदा हो गई है. ग्रामीण ऊंचे तटबंधों और सड़कों पर मवेशियों के साथ खुले आसमान के नीचे रहने को विवश हैं.
नाव से बाढ़ पीड़ितों तक पहुंची आंगनबाड़ी सेविका
विपदा की इस कठिन घड़ी में सिहमा पंचायत के आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 24 की सेविका अनिता कुमारी ने मानवता की मिसाल पेश की. उन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर नाव के सहारे बाढ़ के गहरे पानी से घिरे पोषक क्षेत्र वार्ड संख्या एक और चार का दौरा किया. सेविका ने जलमग्न घरों में फंसे असहाय परिवारों, महिलाओं और बच्चों के बीच ताजी तैयार खिचड़ी और चोखा का वितरण किया. इस मानवीय पहल की स्थानीय ग्रामीणों द्वारा काफी सराहना की जा रही है.
