बेगूसराय में JDU ने उठाया जल अधिकार का मुद्दा, बिहार की 2050 तक की जल जरूरतों के आकलन की मांग

जदयू ने बिहार के जल भविष्य को सुरक्षित करने के लिए फरक्का जल संधि की समीक्षा की मांग उठाई है. पार्टी 2050 तक राज्य की जल आवश्यकताओं का वैज्ञानिक मूल्यांकन और एक दीर्घकालिक जल नीति बनाने पर जोर दे रही है.

Farakka Water Treaty Bihar : फरक्का जल संधि को लेकर आज बेगूसराय के परिसदन परिसर में पत्रकारों को संबोधित करते हुए जदयू के प्रदेश प्रवक्ता नवल किशोर शर्मा ने कहा कि बिहार के लिए जल केवल वर्तमान की आवश्यकता नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है.

इसलिए वर्ष 2026 से 2050 तक बिहार की जल आवश्यकताओं का समग्र एवं वैज्ञानिक मूल्यांकन किया जाना आवश्यक है. उन्होंने कहा कि पूरे गंगा बेसिन के समग्र जल प्रबंधन, नदी में बढ़ते सिल्टेशन, किसानों को पर्याप्त एवं समय पर सिंचाई का पानी उपलब्ध कराने तथा बिहार की बढ़ती औद्योगिक एवं कृषि आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक जल नीति बनाई जानी चाहिए.

पर्यावरण, कृषि और औद्योगिक विकास के लिए जल संधि की पुनर्समीक्षा जरूरी

श्री शर्मा ने कहा कि गंगा में रहने वाले जलीय जीव-जंतुओं और नदी के पारिस्थिति की तंत्र पर भी फरक्का जल संधि एवं जल प्रवाह में होने वाले बदलावों के प्रभाव का वैज्ञानिक अध्ययन होना चाहिए. यह केवल आज की समस्या नहीं है, बल्कि इसका प्रभाव बिहार की आने वाली पीढ़ियों को झेलना पड़ सकता है. उन्होंने कहा कि बिहार की कृषि अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से जल पर निर्भर है.

वहीं बिहार में तेजी से हो रहे औद्योगिकीकरण और औद्योगिक विकास के लिए भी पर्याप्त जल की आवश्यकता होगी. इसलिए जल के बंटवारे के समय बिहार की वर्तमान और भविष्य की कृषि, पेयजल, औद्योगिक तथा पर्यावरणीय आवश्यकताओं को पर्याप्त महत्व दिया जाना जरूरी है. प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि पूर्व में हुए जल बंटवारे में बिहार की दीर्घकालिक आवश्यकताओं का समुचित आकलन नहीं किया गया.

आज परिस्थितियां बदल चुकी हैं. बिहार विकास के नए दौर में प्रवेश कर चुका है और कृषि के साथ-साथ औद्योगिक विकास भी तेजी से हो रहा है. ऐसे में बिहार की जल आवश्यकताओं की पुनर्समीक्षा समय की मांग है.

8 सितंबर को बेगूसराय प्रेक्षागृह में 'नीतीश संवाद'

उन्होंने कहा कि जनता दल (यू) बिहार के भविष्य और बिहार के जल हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा जी एवं प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा के नेतृत्व में फरक्का जल संधि के विभिन्न पहलुओं को लेकर व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है.

श्री शर्मा ने कहा कि पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता बिहार के जल अधिकारों और भविष्य की सुरक्षा के लिए पूरी मजबूती से अपनी भूमिका निभाएगा. समाज के जागरूक वर्ग और मीडिया की भी जिम्मेदारी है कि फरक्का जल संधि की वास्तविक परिस्थितियों, बिहार पर उसके संभावित प्रभाव तथा राज्य की दीर्घकालिक जल आवश्यकताओं के विषय में आम लोगों को तथ्यात्मक जानकारी उपलब्ध कराएं.

उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य से फरक्का जल संधि समझौता नीतीश संवाद जैसे कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, ताकि बिहार की जनता इस महत्वपूर्ण विषय को समझे और राज्य के हित में होने वाली चर्चा में सक्रिय भागीदारी निभाएं.

प्रदेश प्रवक्ता ने पार्टी के सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे आगामी कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपस्थित होकर इसे सफल बनाएं तथा बिहार के जल अधिकारों के प्रति समाज में जागरूकता पैदा करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं.

उन्होंने स्पष्ट कहा कि बिहार के भविष्य की रक्षा के लिए जल सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण विषयों में से एक है और जनता दल (यू) इस दिशा में पूरी मजबूती के साथ अपनी आवाज उठाता रहेगा. इस मौके पर जदयू जिलाध्यक्ष नंदलाल राय, पूर्व विधान पार्षद सह पूर्व जिलाध्यक्ष रूदल राय, पूर्व विधायक राजकुमार सिंह, जदयू नेता पंकज सिंह, मनोज कुमार, पिंटू कुमार सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे. ज्ञात हो कि आठ सितंबर को बेगूसराय प्रेक्षागृह में नीतीश संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया है, जिसकी तैयारियां लगभग पूरी कर ली गयी है.

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By विपिन कुमार मिश्र

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