Begusarai Flood: जिले के बलिया प्रखंड अंतर्गत दियारा इलाके में इन दिनों बाढ़ का भारी प्रकोप देखने को मिल रहा है. गंगा के जलस्तर में वृद्धि के बाद प्रभावित लोग ऊंचे स्थानों और बांधों पर शरण लेने को मजबूर हैं. इस संकट के बीच मंगलवार की देर शाम जिलाधिकारी रिची पांडेय स्वयं सनहा-गोरगामा बांध के शादीपुर ढाला एवं तुलसीटोल ढाला पहुंचे. उन्होंने बांध पर बने अस्थायी शरणस्थलों में रह रहे बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात कर राहत एवं बचाव कार्यों की जमीनी हकीकत का जायजा लिया.
सामुदायिक रसोई का निरीक्षण और खाने की गुणवत्ता
जिलाधिकारी ने मौके पर विस्थापित परिवारों के लिए संचालित सामुदायिक रसोई का गहन निरीक्षण किया. उन्होंने भोजन कर रहे बाढ़ पीड़ितों से सीधे संवाद कर खाने की गुणवत्ता और समय पर भोजन मिलने को लेकर जानकारी ली. पीड़ितों से बातचीत के दौरान डीएम ने कहा कि "बाढ़ पीड़ित परिवारों को किसी भी हाल में बुनियादी सुविधाओं की कमी नहीं होनी चाहिए. भोजन, स्वच्छ पेयजल, स्वास्थ्य सेवा और जरूरी दवाएं नियमित रूप से समय पर उपलब्ध कराई जाएं."
बच्चों के लिए दूध और सूखे राशन का आदेश
निरीक्षण के संबंध में बलिया के अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) सह आईएएस अधिकारी अजय यादव ने बताया कि "बांध पर शरण लिए परिवारों ने जिलाधिकारी के समक्ष सूखा राशन तथा छोटे व नवजात बच्चों के लिए दूध की व्यवस्था कराने की मांग रखी थी." इस पर जिलाधिकारी ने तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित पदाधिकारियों को स्पष्ट आदेश दिया कि "पीड़ित परिवारों को सूखा राशन और दुधमुंहे व छोटे बच्चों के लिए नियमित दूध की आपूर्ति अविलंब शुरू की जाए."
राहत कार्यों में लापरवाही पर होगी कार्रवाई
जिलाधिकारी रिची पांडेय ने उपस्थित प्रशासनिक टीम को राहत एवं बचाव कार्यों में पूरी तत्परता बरतने की हिदायत दी. उन्होंने कहा कि "बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों की प्राथमिक जरूरतों का लगातार आकलन किया जाए और मांग के अनुसार तत्काल सहायता मुहैया कराई जाए." निरीक्षण के दौरान बलिया के एसडीओ अजय यादव, डीएसपी सुबोध कुमार, बीडीओ संतोष कुमार सहित कई अंचल और अनुमंडल स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे.
