Begusarai News : बेगूसराय. राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की जन्मभूमि एवं कर्मभूमि बेगूसराय में उनकी स्मृति को चिरस्थायी स्वरूप देने और उच्च शिक्षा के विस्तार की दिशा में दिनकर विश्वविद्यालय की स्थापना की प्रक्रिया आगे बढ़ी है. जिला प्रशासन ने विश्वविद्यालय के स्थायी परिसर के लिए 15 एकड़ भूमि चिह्नित कर उच्च शिक्षा विभाग, बिहार सरकार को औपचारिक प्रतिवेदन भेज दिया है. लंबे समय से चली आ रही इस मांग को केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के प्रयासों और बिहार सरकार की सकारात्मक पहल से गति मिलने की बात कही गई है.
मल्हीपुर में चिह्नित की गई 15 एकड़ सरकारी भूमि
जिला प्रशासन की ओर से उच्च शिक्षा विभाग को भेजे गए प्रतिवेदन के अनुसार प्रस्तावित भूमि मौजा मल्हीपुर, थाना संख्या 503, खाता संख्या 261 और खेसरा संख्या 890 में स्थित है. भूमि का कुल रकबा 15 एकड़ है. इसकी प्रकृति गैरमजरूआ खास तथा बिहार सरकार की भूमि बताई गई है.
निवर्तमान समाहर्ता, बेगूसराय श्रीकांत शास्त्री द्वारा सचिव, उच्च शिक्षा विभाग, बिहार सरकार को पत्रांक 1854/रा०, दिनांक 19 अगस्त 2026 के माध्यम से भूमि संबंधी प्रतिवेदन भेजा गया है. वहीं, अंचल अधिकारी, बरौनी के पत्रांक 3202, दिनांक 17 अगस्त 2026 के अनुसार उक्त भूमि को विश्वविद्यालय के स्थायी परिसर के लिए चिह्नित किया गया है.
गिरिराज सिंह की पहल से प्रक्रिया को मिली गति
दिनकर विश्वविद्यालय की स्थापना की दिशा में वर्तमान प्रगति के पीछे केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह की लगातार पहल को महत्वपूर्ण बताया गया है. 19 जुलाई को बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बेगूसराय आगमन के दौरान केंद्रीय मंत्री ने राष्ट्रकवि दिनकर की स्मृति में विश्वविद्यालय की स्थापना की मांग प्रमुखता से उनके समक्ष रखी थी. मुख्यमंत्री ने भी मांग पर सकारात्मक सहमति व्यक्त करते हुए आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया था.
इसके बाद केंद्रीय मंत्री की ओर से संबंधित विभागों और प्रशासनिक स्तर पर लगातार समन्वय किया गया. इसी का परिणाम है कि विश्वविद्यालय के स्थायी परिसर के लिए भूमि चिह्नित करने और उच्च शिक्षा विभाग को प्रतिवेदन भेजने की प्रक्रिया पूरी हुई है.
Also Read : मानव घाट महोत्सव का भव्य शुभारंभ, विधायक ने राजकीय महोत्सव का दर्जा दिलाने का दिया भरोसा
स्थायी परिसर बनने तक डाइट, शाहपुर से शुरू होगा शैक्षणिक संचालन
प्रशासन की ओर से विद्यार्थियों के हित को प्राथमिकता देते हुए स्थायी परिसर के निर्माण तक विश्वविद्यालय का शैक्षणिक संचालन डाइट, शाहपुर के भवन से शुरू करने की व्यवस्था की जा रही है. इसका उद्देश्य विश्वविद्यालय की स्थापना को केवल घोषणा तक सीमित न रखते हुए विद्यार्थियों को जल्द इसका लाभ उपलब्ध कराना है.
जिला प्रशासन ने प्रस्तावित भूमि का नजरी नक्शा भी प्रतिवेदन के साथ उच्च शिक्षा विभाग को भेजा है. उच्च शिक्षा विभाग से विधिवत अधियाचना प्राप्त होने के बाद नियमानुसार भूमि हस्तांतरण और निर्माण संबंधी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा.
Also Read : औरंगाबाद में एएसआई प्रीतेश कुमार के स्थानांतरण पर विदाई समारोह, लोगों ने कार्यकाल को सराहा
'15 एकड़ भूमि का चिह्नांकन महत्वपूर्ण पड़ाव'
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि दिनकर विश्वविद्यालय की स्थापना बेगूसराय की जनता की दीर्घकालिक आकांक्षा है. इसे धरातल पर उतारने के लिए हर स्तर पर गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ प्रयास जारी रहेंगे. उन्होंने कहा कि 15 एकड़ भूमि का चिह्नांकन और उच्च शिक्षा विभाग को प्रतिवेदन भेजा जाना इस दिशा में महत्वपूर्ण पड़ाव है. लक्ष्य है कि यह पहल जल्द ही पूर्ण विकसित विश्वविद्यालय के रूप में मूर्त रूप ले.
Also Read : औरंगाबाद में बढ़ती चीनी कीमतों पर लगे अंकुश, जविप्र दुकानों से सस्ती दर पर वितरण की मांग
