Giriraj Singh Visit Bursaria : बेगूसराई के बलिया प्रखंड क्षेत्र के दियारा इलाके में गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर से बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है. रविवार की सुबह भी गंगा के जलस्तर में वृद्धि दर्ज की गयी, जिससे बाढ़ प्रभावित गांवों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें और बढ़ गयी हैं. हालात का जायजा लेने स्थानीय सांसद सह केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह रविवार को बलिया पहुंचे. उन्हें सनहा-गोरगामा बांध स्थित चेचियाही ढाला पर पहुंचकर बाढ़ पीड़ितों से मिलने का कार्यक्रम था, लेकिन करीब डेढ़ घंटे तक हुई मूसलाधार बारिश के कारण वह वहां नहीं पहुंच सके.
बारिश के कारण कार्यक्रम में बदलाव करते हुए केंद्रीय मंत्री ने अनुमंडल कार्यालय में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की. इस दौरान उन्होंने बलिया प्रखंड में बाढ़ की मौजूदा स्थिति, राहत एवं बचाव कार्य और प्रभावित इलाकों में लोगों को मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली.
बाढ़ प्रभावित गांवों में सामुदायिक रसोई शुरू करने का निर्देश
बैठक में केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों को दियारा क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांवों में रविवार से सामुदायिक रसोई शुरू कराने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि बाढ़ पीड़ितों को भोजन, स्वास्थ्य सुविधा, पशुचारा और अन्य जरूरी सामान समय पर मिलना चाहिए. राहत कार्य में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए और प्रभावित लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए प्रशासन को लगातार निगरानी करनी होगी.
समीक्षा बैठक में आईएएस अधिकारी सह एसडीओ अजय यादव, डीएसपी सुबोध कुमार, बीडीओ संतोष कुमार, बीईओ सुरेंद्र कुमार पांडेय, अनुमंडल कृषि पदाधिकारी विपिन कुमार, बीएओ अंशु प्रिया, नगर परिषद की कार्यपालक पदाधिकारी अनिशा कुमारी, चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. संजय कुमार और ग्रामीण कार्य विभाग के अधिकारियों समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे.
53 वार्ड बाढ़ की चपेट में
पत्रकारों से बातचीत में गिरिराज सिंह ने कहा कि बलिया में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है. उन्होंने बताया कि प्रखंड क्षेत्र के 53 वार्ड बाढ़ से प्रभावित हो चुके हैं. चिन्हित स्थानों पर रविवार से सामुदायिक रसोई शुरू की गयी है. जरूरतमंद लोगों के बीच पन्नी का वितरण भी कराया जा रहा है.
स्वास्थ्य सुविधा के लिए सनहा-गोरगामा बांध पर मेडिकल कैंप लगाया गया है. वहीं एनडीआरएफ की 32 सदस्यीय टीम जरूरी संसाधनों के साथ बांध पर तैनात है. बाढ़ प्रभावित पशुपालक किसानों के बीच पशुचारा भी वितरित किया जा रहा है. इसके अलावा बांध पर तीन सामुदायिक रसोई शनिवार से ही संचालित की जा रही हैं.
40 नावों का परिचालन
बलिया प्रखंड की तीन पंचायतें पूरी तरह और तीन पंचायतें आंशिक रूप से बाढ़ की चपेट में हैं. इनमें भवानंदपुर, ताजपुर, पहाड़पुर, परमानंदपुर, भगतपुर और फतेहपुर पंचायतों के कई इलाके शामिल हैं. इन पंचायतों के 53 वार्डों में बाढ़ का पानी पहुंच चुका है. प्रभावित लोगों की आवाजाही और राहत कार्य के लिए स्थानीय प्रशासन की ओर से करीब 40 नावों का परिचालन कराया जा रहा है.
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फरक्का बैराज के गेट खुलने से राहत की उम्मीद
गिरिराज सिंह ने कहा कि बेगूसराय जिला गंगा, गंडक और बलान जैसी नदियों से घिरा हुआ है, इसलिए बाढ़ का असर यहां व्यापक रूप से देखने को मिल रहा है. उन्होंने फरक्का बैराज के 97 गेट खोले जाने का जिक्र करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के प्रयासों के प्रति आभार जताया.
उन्होंने कहा कि फरक्का के गेट खुलने से गंगा के पानी की निकासी में मदद मिलेगी. अगर पानी की निकासी नहीं होती तो बिहार में बाढ़ की स्थिति और ज्यादा भयावह हो सकती थी. केंद्रीय मंत्री ने उम्मीद जतायी कि अगले दो-तीन दिनों में बाढ़ प्रभावित लोगों को कुछ राहत मिलने लगेगी.
बैठक में मुखिया समेत अन्य शामिल
समीक्षा बैठक के दौरान भाजपा दक्षिण मंडल अध्यक्ष सह ताजपुर पंचायत के मुखिया शिवनंदन कुमार, भाजपा नेता राकेश रौशन मुन्ना, उत्तरी मंडल अध्यक्ष नितेश कुमार उर्फ जितेंद्र साहू, राजकुमार गुप्ता समेत कई भाजपा नेता मौजूद रहे.
फिलहाल प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित इलाकों में नावों के परिचालन, सामुदायिक रसोई, मेडिकल कैंप और पशुचारा वितरण के जरिए लोगों तक राहत पहुंचाने का काम जारी है. बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रभावित गांवों में प्रशासन की निगरानी और राहत व्यवस्था को और मजबूत करना जरूरी हो गया है.
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