सावन की दूसरी सोमवारी पर बाबा हरिगिरि धाम में उमड़ा आस्था का जनसैलाब, रातभर गूंजते रहे हर-हर महादेव के जयकारे

Begusarai News : सावन की दूसरी सोमवारी पर बाबा हरिगिरि धाम गढ़पुरा में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। मुकुट यात्रा, महाश्रृंगार और महाआरती के साथ पूरा वातावरण शिवमय हो गया।

Begusarai News : सावन की दूसरी सोमवारी पर प्रसिद्ध बाबा हरिगिरि धाम में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा. अहले सुबह से ही बाबा के दर्शन और जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया, जो दिनभर जारी रहा. दूर-दराज के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं और कांवरियों से पूरा धाम परिसर एवं आसपास का इलाका भक्तिमय बना रहा. हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से पूरा वातावरण गूंजता रहा.

ढोल-नगाड़ों के साथ निकली बाबा की मुकुट यात्रा

सोमवारी की पूर्व संध्या पर गढ़पुरा हनुमान मंदिर से बाबा की मुकुट यात्रा निकाली गयी. ढोल-नगाड़ों, गाजे-बाजे और भक्तिमय जयघोष के बीच निकली शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए. श्रद्धालु बाबा के जयकारे लगाते हुए मुकुट लेकर बाबा हरिगिरि धाम परिसर पहुंचे. यात्रा के दौरान पूरा वातावरण शिवमय बना रहा. धाम पहुंचने के बाद विधि-विधान एवं मंत्रोच्चारण के बीच बाबा को मुकुट अर्पित किया गया.

फूलों से हुआ बाबा हरिगिरिनाथ का भव्य महाशृंगार

सोमवारी की पूर्व संध्या पर बाबा हरिगिरिनाथ का भव्य महाशृंगार किया गया. विभिन्न प्रकार के सुगंधित एवं आकर्षक फूलों से बाबा का श्रृंगार किया गया. मंत्रोच्चारण और वैदिक विधि-विधान के बीच हुए इस विशेष शृंगार के बाद बाबा का स्वरूप देखते ही बन रहा था. महाशृंगार के अलौकिक दर्शन के लिए देर रात तक श्रद्धालुओं की भीड़ मंदिर परिसर में जुटी रही. फूलों से सजे बाबा के दरबार की भव्यता श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी रही.

देवघर से आए पंडों ने करायी दिव्य महाआरती

मंत्रोच्चारण के बीच विधि-विधान से पूजा संपन्न होने के बाद देवघर से आए पंडों द्वारा बाबा की दिव्य महाआरती करायी गयी. महाआरती के दौरान मंदिर परिसर का माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया. घंटियों की गूंज, शंखनाद और हर-हर महादेव के जयघोष के बीच श्रद्धालु बाबा के दिव्य स्वरूप के दर्शन करते रहे. बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने आरती में शामिल होकर बाबा से सुख-समृद्धि और परिवार की मंगलकामना की.

रात्रि जागरण में रातभर झूमते रहे श्रद्धालु

सोमवारी की पूर्व संध्या पर धाम परिसर में आयोजित रात्रि जागरण में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी. कार्यक्रम की शुरुआत छोटी-छोटी बच्चियों द्वारा लोकगीतों पर दी गयी मनमोहक प्रस्तुति से हुई. बच्चियों की प्रस्तुति ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया. इसके बाद प्रसिद्ध कलाकार सानिया संगम और गोलू सिंह ने एक से बढ़कर एक भक्ति गीत प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को रातभर झूमने पर मजबूर कर दिया. भक्ति गीतों के बीच श्रद्धालु तालियां बजाते और बाबा के जयकारे लगाते नजर आए. देर रात तक चले जागरण कार्यक्रम से पूरा धाम परिसर भक्तिरस में डूबा रहा. कलाकारों की प्रस्तुतियों के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु कार्यक्रम स्थल पर मौजूद रहे.

कांवरिया पथ पर सेवा में जुटे स्थानीय लोग

दूसरी सोमवारी को लेकर बड़ी संख्या में कांवरियों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए स्थानीय लोगों ने भी सेवा की पूरी तैयारी कर रखी थी. गढ़पुरा बाजार से लेकर पूरे कांवरिया पथ तक जगह-जगह स्थानीय लोगों एवं स्वयंसेवकों द्वारा कांवरियों की सेवा की व्यवस्था की गयी. कई स्थानों पर कांवरियों के लिए पानी, शरबत, फल, चाय सहित अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध करायी गयी. रातभर सेवा शिविरों में स्थानीय लोग कांवरियों की सेवा में जुटे रहे. कांवरियों के विश्राम एवं उनकी सुविधा का भी विशेष ध्यान रखा गया. सेवा में जुटे लोगों का कहना था कि बाबा के भक्तों की सेवा करना भी भगवान शिव की सेवा के समान है.

प्रशासन ने संभाली व्यवस्था की कमान

दूसरी सोमवारी पर श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए प्रशासन की ओर से चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था की गयी थी. मंदिर परिसर से लेकर गढ़पुरा बाजार और कांवरिया पथ तक पुलिस प्रशासन की विशेष नजर रही. भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं को सुगम तरीके से मंदिर तक पहुंचाने के लिए विभिन्न स्थानों पर जवानों एवं सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गयी. व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने में पुलिस प्रशासन के साथ जीविका दीदियों, नागरिक सुरक्षा बल के सदस्यों, स्वयंसेवकों और स्थानीय युवा कार्यकर्ताओं ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभायी. ये सभी अलग-अलग स्थानों पर तैनात रहकर श्रद्धालुओं की सहायता, कतार व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण में जुटे रहे.

रविवार से ही गढ़पुरा बाजार में नो-एंट्री

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने यातायात व्यवस्था को लेकर भी विशेष तैयारी की थी. रविवार से ही गढ़पुरा बाजार क्षेत्र में वाहनों की नो-एंट्री लागू कर दी गयी थी. इसका उद्देश्य बाजार एवं मंदिर की ओर आने वाले मार्गों पर वाहनों का दबाव कम करना और पैदल आने वाले श्रद्धालुओं एवं कांवरियों को किसी प्रकार की परेशानी से बचाना था. नो-एंट्री के कारण गढ़पुरा बाजार एवं कांवरिया मार्ग पर श्रद्धालुओं की आवाजाही अपेक्षाकृत सुगम रही. आवश्यक स्थानों पर सुरक्षाकर्मियों की तैनाती कर वाहनों की आवाजाही पर नजर रखी गयी. प्रशासन की इस व्यवस्था से कांवरियों और श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुंचने में सुविधा हुई.

शिवभक्ति में डूबा रहा पूरा गढ़पुरा

दूसरी सोमवारी के अवसर पर बाबा हरिगिरि धाम ही नहीं, बल्कि गढ़पुरा बाजार से लेकर आसपास का पूरा क्षेत्र शिवभक्ति में डूबा नजर आया. जगह-जगह कांवरियों के जत्थे बोल बम और हर-हर महादेव के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ते रहे. मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की कतार लगी रही और पूरे दिन पूजा-अर्चना एवं जलाभिषेक का सिलसिला चलता रहा. मुकुट यात्रा, बाबा का भव्य महाशृंगार, रात्रि जागरण और कांवरियों की सेवा ने दूसरी सोमवारी की पूर्व संध्या से ही गढ़पुरा के माहौल को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया. बाबा हरिगिरि धाम में उमड़ा आस्था का यह जनसैलाब सावन की शिवभक्ति और गढ़पुरा की धार्मिक परंपरा का अद्भुत नजारा प्रस्तुत करता रहा.

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By Bipin Kumar Mishra

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