civil court begusarai: (विकाश मिश्रा की रिपोर्ट) बेगूसराय व्यवहार न्यायालय परिसर में मंगलवार को उस समय अचानक अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब एक विवाद की पैरवी के लिए आए पति-पत्नी आपस में ही भिड़ गए. देखते ही देखते दोनों के बीच रुपयों के लेन-देन का विवाद इतना बढ़ गया कि कोर्ट परिसर एक अखाड़े में तब्दील हो गया. दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक के बाद जमकर हाथापाई होने लगी, जिसे देखने के लिए अदालत परिसर में मौजूद मुवक्किलों, वकीलों और राहगीरों की भारी भीड़ इकट्ठा हो गई.
प्रत्यक्षदर्शियों और कोर्ट परिसर में मौजूद लोगों के अनुसार, विवाद की शुरुआत तब हुई जब पति ने सरेआम अपनी पत्नी को रोककर उस पर घर से दो से तीन लाख रुपये नकद लेकर गुपचुप तरीके से फरार होने का गंभीर आरोप मढ़ दिया. पति का यह आरोप सुनते ही पत्नी भड़क उठी और उसने सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार और झूठा बताते हुए चीखना-चिल्लाना शुरू कर दिया. दोनों तरफ से आवाजें तेज होने पर पूरा माहौल गरमा गया.
ननद की एंट्री से और भड़का विवाद, एक-दूसरे पर जमकर लगाए आरोप
इस पारिवारिक ड्रामे में मोड़ तब आया, जब कोर्ट परिसर में ही मौजूद पति की बहन (ननद) भी दौड़ते हुए मौके पर पहुंच गई. अपनी ननद को देखते ही पत्नी का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया. इसके बाद पति, पत्नी और ननद के बीच त्रिकोणीय जंग शुरू हो गई. तीनों ने मर्यादा की सीमाएं लांघते हुए एक-दूसरे पर गंभीर आरोप-प्रत्यारोप लगाए और जमकर अपशब्दों का प्रयोग किया.
कोर्ट परिसर में करीब आधे घंटे तक चले इस हाई वोल्टेज ड्रामे के कारण न्यायिक कार्य के लिए आए लोगों के बीच कौतूहल और अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही. वहां मौजूद कुछ प्रबुद्ध नागरिकों और अधिवक्ताओं ने शुरुआत में दोनों को समझा-बुझाकर अलग करने और बीच-बचाव करने का प्रयास किया, लेकिन गुस्साए परिजन किसी की भी बात सुनने को तैयार नहीं थे.
वकीलों और कोर्ट पुलिस ने कराया मामला शांत
अदालत परिसर के भीतर बढ़ते हंगामे और शोर-शराबे की सूचना जैसे ही वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों और कोर्ट पुलिस के जवानों को मिली, वे तुरंत मौके पर पहुंचे. इसके बाद स्थानीय अधिवक्ताओं और पुलिसकर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद तीनों को पकड़कर अलग किया और कड़े लहजे में समझाते हुए शांत कराया. पुलिस ने दोनों पक्षों को हिदायत दी कि न्यायालय परिसर की गरिमा को ठेस न पहुंचाएं.
पुलिस अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद दोनों पक्षों को शांत कराकर कोर्ट परिसर से बाहर भेजा गया. हालांकि, समाचार लिखे जाने तक इस हाई वोल्टेज ड्रामे को लेकर किसी भी पक्ष की ओर से नगर थाना या कोर्ट पुलिस चौकी में कोई औपचारिक या लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है. बिना किसी कानूनी कार्रवाई के दोनों पक्ष अपने-अपने घर लौट गए, लेकिन कोर्ट परिसर में दिनभर इस अनोखे पारिवारिक विवाद की चर्चा वकीलों और मुवक्किलों के बीच चटखारे लेकर होती रही.
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