Begusarai Weather: (विकाश मिश्रा की रिपोर्ट) बेगूसराय जिले में मंगलवार को मौसम ने अचानक यू-टर्न ले लिया. दोपहर बाद तेज आंधी, कड़कड़ाती बिजली और मूसलाधार बारिश ने दस्तक दी, जिससे पिछले कई दिनों से भीषण गर्मी और लू की मार झेल रहे जिलावासियों को बड़ी राहत मिली है. हालांकि, इस आंधी-तूफान के कारण जिले का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया. दिन के उजाले में ही आसमान पर घने काले बादलों का डेरा जमा हो गया, जिससे सड़कों पर अंधेरा छा गया और देखते ही देखते तेज हवाओं के झोंकों के साथ जोरदार बारिश शुरू हो गई.
इस अचानक हुई भारी बारिश के कारण बेगूसराय नगर निगम क्षेत्र से लेकर ग्रामीण इलाकों तक कई मुख्य सड़कों और मोहल्लों में भारी जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई. सबसे बुरा असर शहर के वीआईपी और प्रशासनिक इलाकों में देखने को मिला. सिविल कोर्ट परिसर, समाहरणालय (DM कार्यालय) परिसर सहित शहर के कई प्रमुख मार्ग, व्यस्त बाजार, रिहायशी गलियां और सार्वजनिक स्थल पूरी तरह पानी से लबालब हो गए. कई महत्वपूर्ण सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं, जिससे वाहनों का आवागमन कुछ देर के लिए पूरी तरह थम गया.
सिविल कोर्ट और कैंटीन चौक पर गिरे भारी-भरकम पेड़, मची भगदड़
आंधी और तूफान की रफ्तार इतनी भीषण थी कि शहर के दो सबसे व्यस्त इलाकों में बड़े हादसे की स्थिति बन गई. सिविल कोर्ट के मुख्य गेट के समीप और कैंटीन चौक पर लगे विशालकाय पुराने पेड़ जड़ से उखड़कर सड़क पर आ गिरे. पेड़ गिरते ही डरावनी आवाज के साथ इलाके में अफरा-तफरी और भगदड़ मच गई.
गनीमत यह रही कि आंधी को भांपते हुए पेड़ के आसपास मौजूद फुटपाथी दुकानदार, राहगीर और कोर्ट आए मुवक्किल समय रहते सुरक्षित स्थानों की ओर भाग निकले, जिससे वे बाल-बाल बच गए. अगर सामान्य दिनों की तरह वहां भीड़ जमी होती, तो एक बहुत बड़ी जनहानि हो सकती थी. पेड़ गिरने के कारण दोनों मार्गों पर घंटों जाम लगा रहा, जिसे हटाने के लिए बाद में नगर निगम की टीम को कटर मशीनों के साथ मशक्कत करनी पड़ी.
फुटपाथी दुकानदारों को भारी नुकसान
अचानक आए इस तूफान से सबसे अधिक आर्थिक नुकसान सड़क किनारे दुकान लगाने वाले छोटे कारोबारियों और फुटपाथी दुकानदारों को उठाना पड़ा है. अचानक तेज हवाएं चलने से दुकानदारों को अपना सामान समेटने और बचाने का मौका तक नहीं मिला. कई दुकानों के शेड और तिरपाल हवा में उड़ गए, जबकि कपड़ों, अनाज और फल-सब्जियों के स्टॉल पर रखा सामान पानी में भीगकर पूरी तरह नष्ट हो गया.
तेज हवाओं के कारण जिले के विभिन्न हिस्सों में सैकड़ों छोटे-बड़े पेड़-पौधों की टहनियां टूटकर बिजली के तारों पर गिर गईं, जिससे सुरक्षा के लिहाज से पूरे शहर की बिजली आपूर्ति काट दी गई. कई ग्रामीण इलाकों से घरों के एस्बेस्टस और टिन के छप्पर उड़ने की भी अपुष्ट सूचनाएं हैं. हालांकि, जिला आपदा प्रबंधन विभाग और स्थानीय प्रशासन के अनुसार राहत की बात यह है कि जिले में कहीं से भी किसी व्यक्ति के घायल होने या किसी बड़ी जनहानि की आधिकारिक खबर नहीं आई है, जिससे प्रशासन ने बड़ी राहत की सांस ली है.
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