Begusarai News: सलौना ठाकुरबाड़ी की विरासत को नई पहचान दिलाने के लिए मीडिया कॉन्क्लेव का आयोजन

बेगूसराय के बखरी स्थित सलौना ठाकुरबाड़ी की सांस्कृतिक विरासत को पहचान दिलाने के लिए मीडिया कॉन्क्लेव आयोजित किया गया. एसडीएम ने इसे ऐतिहासिक धरोहर बताते हुए संरक्षण का आश्वासन दिया. कार्यक्रम में पत्रकार, यूट्यूबर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर शामिल हुए तथा ठाकुरबाड़ी को धार्मिक न्यास परिषद में शामिल करने की बात हुई.

Begusarai News: (विकाश मिश्रा की रिपोर्ट): बेगूसराय जिले के बखरी प्रखंड स्थित ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहर सलौना ठाकुरबाड़ी को राष्ट्रीय एवं विशिष्ट पहचान दिलाने के उद्देश्य से रविवार को ठाकुरबाड़ी परिसर में मीडिया कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में जिले सहित अन्य जिलों से आए पत्रकार, यूट्यूबर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर बड़ी संख्या में शामिल हुए.

पत्रकारों और इन्फ्लुएंसरों का हुआ सम्मान

कार्यक्रम के दौरान अतिथियों को सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. रमन झा द्वारा मिथिला पाग, चादर और मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया. इस मौके पर मीडिया प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली.

सलौना ठाकुरबाड़ी को बताया ऐतिहासिक धरोहर

एसडीएम सन्नी कुमार सौरव ने कहा कि सलौना ठाकुरबाड़ी बखरी की महत्वपूर्ण सांस्कृतिक विरासत है, जिसे संरक्षित करना हम सभी की जिम्मेदारी है. उन्होंने सलौना गांव के लोगों से इसके संरक्षण में आगे आने की अपील की. उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि प्रशासन की ओर से हर संभव सहयोग किया जाएगा और इसे धार्मिक न्यास परिषद में शामिल कराने के लिए प्रयास किए जाएंगे.

प्राचीन वास्तुकला का अद्भुत उदाहरण

जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी श्याम कुमार ने कहा कि ठाकुरबाड़ी प्राचीन वास्तुकला और ऐतिहासिक महत्व का बेजोड़ उदाहरण है, जिसे संरक्षित और संवर्धित करने की आवश्यकता है.

संरक्षण को लेकर जागरूकता की जरूरत

गढ़पुरा प्रखंड के पूर्व बीडीओ सुदामा प्रसाद ने ठाकुरबाड़ी के ऐतिहासिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला और इसके संरक्षण को समय की आवश्यकता बताया. उन्होंने कहा कि इस धरोहर को वर्तमान स्थिति में देखकर मन व्यथित होता है.

मीडिया और सोशल प्लेटफॉर्म से पहचान दिलाने की अपील

आयोजक डॉ. रमन झा ने पत्रकारों, यूट्यूबरों और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसरों से ठाकुरबाड़ी को व्यापक पहचान दिलाने में सहयोग की अपील की. उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयास से ही इस धरोहर को नई पहचान मिल सकती है.

सांस्कृतिक कार्यक्रम ने बढ़ाई रौनक

कार्यक्रम के दौरान ठाकुरबाड़ी परिसर में गीत-संगीत कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया, जिससे माहौल सांस्कृतिक रंगों से सराबोर हो गया.

बड़ी संख्या में लोग रहे मौजूद

कार्यक्रम का संचालन ‘साइकिल पे संडे’ टीम के कुंदन कुमार द्वारा किया गया. इस अवसर पर पत्रकार, यूट्यूबर, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर, सामाजिक एवं राजनीतिक कार्यकर्ता तथा बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे.

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लेखक के बारे में

Published by: Nikhil Anurag

मूलतः निखिल अनुराग. पेशे से पत्रकार. बुद्ध की धरती पर जन्म. बिहार का सबसे नवीनतम जिला (अरवल) से ताल्लुक. पढ़ाई की शुरूआत गांव से ही. फिर गंगा के तट पटना पहुंचा. ज्ञान की धरती से कुछ तालीम हासिल कर राष्ट्रीय राजधानी की ओर कूच. पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट ( माखनलाल पत्रकारिता विश्वविद्यालय). नोएडा की धरती पर विद्वतजन से कुछ न कुछ सीखा. करंट अफ़ेयर्स, राजनीति, खेल, अंतरराष्ट्रीय संबंध, गाँव, खेत-किसान पसंदीदा टॉपिक. स्कूल, कॉलेज युनिवर्सिटी में यूथ से गपशप करना एनर्जी का अतिरिक्त स्रोत. साल 2020 में नोएडा से शुरू हुई इस लेखन यात्रा कलम, डेस्कटॉप, लैपटॉप के की-बोर्ड से होते हुए स्मार्ट फोन तक पहुंच गयी. ज्यों-ज्यों उम्र बढ़ रही है, सीखने, पढ़ने, लिखने की भूख भी बढ़ रही है. नोएडा में टीवी न्यूज में काम करने के बाद हिंदुस्तान ग्रूप होते हुए बिहार, झारखंड की सबसे पसंदीदा अखबार प्रभात खबर में कार्यरत. हां एक बात और... पढ़ने-लिखने की जिज्ञासा कभी खत्म नहीं होगी. साहित्य में बेहद दिलचस्पी.

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