Begusarai News: (बिपिन राज की रिपोर्ट) बरौनी प्रखंड मुख्यालय स्थित नीरज सभागार में शनिवार को नगर परिषद बीहट की सशक्त स्थायी समिति के सदस्यों के चुनाव को लेकर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुई. चुनाव के दौरान प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा और परिसर में पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी.
चुनाव की पूरी प्रक्रिया बेगूसराय सदर एसडीओ अनिल कुमार की निगरानी में संपन्न कराई गई. वहीं बरौनी बीडीओ अनुरंजन कुमार लगातार मतदान प्रक्रिया की मॉनिटरिंग करते रहे. प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में वार्ड पार्षदों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया और सशक्त स्थायी समिति के पांच सदस्यों का चयन किया.
ये उम्मीदवार हुए विजयी
सशक्त स्थायी समिति सदस्य संख्या-1 के लिए हुए चुनाव में रेणु शर्मा ने 18 मत प्राप्त कर जीत दर्ज की, जबकि पूजा कुमारी को 14 मत मिले. एक मत अमान्य घोषित किया गया. सदस्य संख्या-2 के चुनाव में दीपक कुमार मिश्रा को 20 मत मिले, जबकि सुभद्रा कुमारी को 12 मत प्राप्त हुए. यहां भी एक मत अमान्य रहा. सदस्य संख्या-3 में प्रजा देवी ने 18 मत हासिल कर जीत दर्ज की, जबकि रेणु सिंह को 15 मत मिले. सदस्य संख्या-4 में प्रवीण कुमार को 19 मत प्राप्त हुए, जबकि नीलम देवी को 14 मत मिले. सदस्य संख्या-5 के लिए मो. इफ्तेखार अंसारी ने 20 मत हासिल कर जीत दर्ज की. उनके प्रतिद्वंद्वी एवं पूर्व स्थायी समिति सदस्य अशोक सिंह को 13 मत प्राप्त हुए.
33 पार्षदों ने किया मतदान
नगर परिषद के कुल 37 वार्डों में से 33 पार्षदों ने मतदान में हिस्सा लिया. तीन पार्षद- आशा देवी, प्रमिला देवी और बबीता देवी अपरिहार्य कारणों से मतदान में शामिल नहीं हो सकीं. वहीं एक वार्ड में पार्षद के निधन के कारण चुनाव होना शेष है.
प्रमाण पत्र सौंपे गए
मतगणना के बाद एसडीओ अनिल कुमार और बीडीओ अनुरंजन कुमार ने आधिकारिक रूप से परिणामों की घोषणा की तथा नवनिर्वाचित सदस्यों को प्रमाण पत्र प्रदान किया. इसके बाद समर्थकों, वार्ड पार्षदों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने विजयी सदस्यों का फूल-माला पहनाकर स्वागत किया.
राजनीतिक समीकरणों पर भी नजर
स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी तेज है कि सशक्त स्थायी समिति में नए सदस्यों के आने से नगर परिषद के विकास कार्यों, सफाई व्यवस्था, निर्माण कार्यों और बजट आवंटन में जवाबदेही बढ़ सकती है. वहीं राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि समिति में शामिल सदस्य मुख्य पार्षद के विरोधी गुट से जुड़े हुए हैं, तो वित्तीय एवं प्रशासनिक निर्णयों को लेकर भविष्य में मतभेद और गतिरोध की स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है.
स्थायी समिति नगर परिषद की महत्वपूर्ण इकाई मानी जाती है, जो विकास योजनाओं, टेंडर प्रक्रिया और वित्तीय निर्णयों में अहम भूमिका निभाती है. ऐसे में इस चुनाव के परिणामों पर स्थानीय राजनीति की नजर बनी हुई है.
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