बिहार सरकार के समाज कल्याण विभाग एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को बखरी बुनियाद केंद्र में दिव्यांग सुरक्षा आपदा प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम में अनुमंडल क्षेत्र के विभिन्न इलाकों से पहुंचे सैकड़ों दिव्यांगजनों ने भाग लिया.
आपदा से बचाव के तरीके
प्रशिक्षण के दौरान मास्टर ट्रेनरों ने दिव्यांगजनों को भूकंप, बाढ़, अगलगी और वज्रपात जैसी प्राकृतिक एवं आकस्मिक आपदाओं के दौरान स्वयं को सुरक्षित रखने के व्यावहारिक तरीके बताए. प्रशिक्षकों ने कहा कि आपदा की स्थिति में धैर्य बनाए रखना और सुरक्षित स्थान तक पहुंचने की कोशिश करना सबसे जरूरी है. दिव्यांगजनों को आपदा से पहले की तैयारी, आपदा के दौरान सावधानियों और आपदा के बाद के सुरक्षा उपायों की जानकारी दी गई.
विभिन्न आपदाओं पर सलाह
बाढ़ की स्थिति में ऊंचे व सुरक्षित स्थान पर जाने, तेज बहाव वाले पानी में प्रवेश न करने और प्रशासनिक चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई. वज्रपात के समय खुले मैदान, पेड़ व बिजली के खंभों से दूर रहने तथा भवन में शरण लेने को कहा गया. वहीं अगलगी की घटना में धुएं से बचने, सुरक्षित बाहर निकलने और तत्काल अग्निशमन विभाग को सूचना देने की जानकारी दी गई.
ट्राई साइकिल की समस्या
कार्यक्रम के दौरान दिव्यांगजनों ने अपनी रोजमर्रा की प्रमुख समस्याओं को भी अधिकारियों के समक्ष रखा. दिव्यांगजनों ने बताया कि सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली ट्राई साइकिल अक्सर जल्द खराब हो जाती है, जिससे आवागमन में परेशानी होती है. उन्होंने ट्राई साइकिल की गुणवत्ता सुधारने तथा खराब होने पर मरम्मत की समुचित व्यवस्था कराने की मांग रखी.
अधिकारियों का भरोसा व उपस्थिति
कार्यक्रम में मो इमरोज, रणवीर कुमार, बिरजू पासवान, बुनियाद केंद्र के रविन्द्र कुमार सहित अन्य कर्मी उपस्थित रहे. अधिकारियों एवं प्रशिक्षकों ने दिव्यांगजनों की समस्याओं को गंभीरता से सुना तथा संबंधित स्तर पर आवश्यक पहल का भरोसा दिलाया. कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य दिव्यांगजनों को आपदा की स्थिति में सुरक्षित रहने के लिए जागरूक और सक्षम बनाना रहा.
