Begusarai News : प्राथमिक शिक्षक शिक्षा महाविद्यालय बिष्णुपुर, बेगूसराय में डीएलएड द्वितीय वर्ष के प्रशिक्षण वर्ग के आरंभ एवं एफएलएन प्रशिक्षण के संयुक्त शुभारंभ के अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में अनुमंडल पदाधिकारी अश्विनी कुमार शामिल हुए. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षकों को नवाचारी बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार की ओर से यह प्रशिक्षण चलाया जा रहा है. प्रशिक्षण से शिक्षकों में प्रतिबद्धता और समयबद्धता के साथ नवाचार को भी बढ़ावा मिलता है.
आगामी पीढ़ी के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका अहम
एसडीओ अश्विनी कुमार ने कहा कि शिक्षकों के लिए नैतिक शिक्षा का होना आवश्यक है. उन्होंने डीएलएड प्रशिक्षुओं को कड़ी मेहनत करने की सलाह देते हुए कहा कि आगामी पीढ़ी के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है. शिक्षक में रचनात्मकता, कक्षा-कक्ष में सहभागिता और बच्चों के प्रति संवेदनशीलता की भावना विकसित करना आवश्यक है. उन्होंने कहा कि बेहतर शिक्षा व्यवस्था के लिए शिक्षकों को लगातार सीखने और नई तकनीकों एवं पद्धतियों को अपनाने की जरूरत है.
महाविद्यालय की व्यवस्थाओं का लिया जायजा
मुख्य अतिथि ने महाविद्यालय में उपलब्ध पुस्तकालय, कंप्यूटर कक्ष और एफएलएन कक्ष सहित अन्य व्यवस्थाओं का अवलोकन किया. उन्होंने महाविद्यालय की व्यवस्था की सराहना की. इस अवसर पर शिक्षक चंचल कुमार के ओजपूर्ण संबोधन ने उपस्थित लोगों को अभिप्रेरित किया.
दीप प्रज्ज्वलन और पौधारोपण से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम का उद्घाटन दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया. मुख्य अतिथि ने तुलसी का पौधा रोपकर पर्यावरण संरक्षण के प्रति सजगता का संदेश दिया. स्वागत भाषण डॉ. गौतम कुमार ने दिया, जबकि विषय प्रवेश पूनम भारती ने कराया. मंच संचालन व्याख्याता प्रभाकर कुमार ने किया.
156 शिक्षक-शिक्षिकाओं समेत प्रशिक्षुओं की रही मौजूदगी
कार्यक्रम में महाविद्यालय के सभी शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारी, डीएलएड के प्रशिक्षु तथा सेवाकालीन प्रशिक्षण में शामिल 156 शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहीं. प्रशिक्षण के माध्यम से शिक्षकों को नई शिक्षण पद्धतियों, नवाचार और बच्चों के अनुकूल शिक्षण प्रक्रिया से जोड़ने पर जोर दिया गया.
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