नेनुआ की खेती से बदल रही किसानों की तकदीर
नेनुआ की खेती से बदल रही किसानों की तकदीर तसवीर- नेनुआ की फसल तैयार करते किसानतसवीर 17लाखो. सदर प्रखंड के बहदरपुर गांव में किसानों में नेनुआ की खेती करने की ललक देखी जा रही है. कुछ किसान नेनुआ के साथ-साथ बोड़ा की मिश्रित खेती कर रहे हैं. यहां के अधिसंख्य मध्यम वर्ग के लोग सीमांत […]
नेनुआ की खेती से बदल रही किसानों की तकदीर तसवीर- नेनुआ की फसल तैयार करते किसानतसवीर 17लाखो. सदर प्रखंड के बहदरपुर गांव में किसानों में नेनुआ की खेती करने की ललक देखी जा रही है. कुछ किसान नेनुआ के साथ-साथ बोड़ा की मिश्रित खेती कर रहे हैं. यहां के अधिसंख्य मध्यम वर्ग के लोग सीमांत किसान से लीज पर खेत लेकर 10-15 कट्ठे व बीघे में नेनुआ की खेती की है. किसान मो रूस्तम, मो जमाल, मो ऐनुल, मो आलम ने बताया कि 10 कट्ठे नेनुआ की खेती में लागत 20-20 हजार रुपये खर्च होते हैं. इसमें मार्च व अप्रैल माह में छह हाथ की दूरी पर एक थल्ले में तीन बीज लगाया जाता है. बीज बोने से पहले खेत में प्रति कट्ठा 10 किलोग्राम डीएपी, यूरिया, पोटाश एवं अंडी कस खल्ली दिया जाता है. रासायनिक खाद का उक्त खुराक प्रतिमाह दिया जाता है. फसल को भंगुरी, कनरा, एंडसेसेन, छेदी, टागर, कोरजेम का छिड़काव किया जाता है. साथ ही पौधों को टॉनिक के रूप में विपुल से छिड़काव किया जाता है. फसल को खरपतवार से बचाने के लिए अवधि में डबार निकॉनी की जाती है. किसानों ने बताया कि इस बार प्रचंड ताप के कारण वर्षा से पूर्व बार सिंचाई करनी पड़ी. किसान मो रूस्तम ने कहा कि इस बार खेत में सेंचुरी प्रजाति का नेनुआ लगाया है. फसल को बेगूसराय सब्जी मंडी में भेजी जाती है.
