रेलवे ट्रैकों की मजबूती के लिए 13 करोड़ से होगा ब्लास्ट लेस का निर्माण
विश्वस्तरीय एवं अमृत भारत योजना से न सही, लेकिन छोटी-मोटी योजनाओं से बेगूसराय रेलवे स्टेशन पर विकास कार्य होना अब शुरू हो गया है.
बेगूसराय. विश्वस्तरीय एवं अमृत भारत योजना से न सही, लेकिन छोटी-मोटी योजनाओं से बेगूसराय रेलवे स्टेशन पर विकास कार्य होना अब शुरू हो गया है. रेलवे ने ट्रैकों को स्वच्छ व सुंदर बनाने एवं यात्रियों विकसित प्लेटफार्म दिखाने के लिए अब ब्लास्ट लेस का निर्माण करा रही है. ताकि स्टेशन के ट्रैक को साफ करने में कोई परेशानी ना हो और स्वच्छता का पूरा ख्याल रखा जा सकें. मालूम हो कि बेगूसराय रेलवे स्टेशन के विकास के लिये पहले तो इसे विश्वस्तरीय रेलवे स्टेशन की सूची में डाला गया था. बाद में इसे प्रधानमंत्री अमृत भारत योजना में भी शामिल किया गया था. लेकिन बेगूसराय रेलवे स्टेशन से कम आय वाले रेलवे स्टेशनों पर विकास कार्यो को अमृत भारत योजना के तहत तेज कर दिया गया है, वहीं बेगूसराय रेलवे स्टेशन पर इस योजना के तहत आज तक कार्य शुरू नहीं हो सका है. रेलवे ने बेगूसराय रेलवे स्टेशन के ट्रैक को कंक्रीटरहित (ब्लास्ट लेस) के लिए 13 करोड़ 18 लाख 11 हजार 402 रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी है. अधिकारियों ने बताया कि बुलेट ट्रेन परिचालन के गिट्टी रहित ट्रैक (ब्लास्ट लैस) तकनीक का उपयोग किया जाता है. उच्च गति और भारी भार वहन के लिए अधिक उपयुक्त होती है. यही कारण है कि इसका व्यापक उपयोग जापान में बुलेट ट्रेन प्रणाली में किया जा रहा है. भारत में इस तकनीक को पहली बार अपनाया जा रहा है. जिसकी शुरुआत गुजरात के सूरत क्षेत्र से हो चुकी है. ब्लास्ट लैस में पत्थरों (गिट्टी) की जगह कंक्रीट स्लैब लगाया जाता है, जिससे ट्रैक की मजबूती और स्थिरता बढ़ जाती है. उन्होंने बताया कि उच्च गति वाली ट्रेनों और भारी भार के लिए यह ट्रैक अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय है. गिट्टी वाले ट्रैक की तुलना में इसमें रखरखाव की आवश्यकता काफी कम होती है और इसकी आयु भी अधिक होती है.
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