केवल रचनाएं नहीं, पठन-पाठन को भी देना होगा बढ़ावा

जनवादी लेखक संघ के आठवें जिला सम्मेलन का समापन तसवीर-सम्मेलन में भाग लेते जलेस के पदाधिकारीतसवीर-17बेगूसराय(नगर). कलम को हथियार बना कर हम फासिज्म के खिलाफ लड़ाई लड़ेंगे. आज कलाकारों को आम-आवाम का नेतृत्व करना होगा, क्योंकि जनता ने जिसको अपना प्रतिनिधि चुना है, वह राजा बन बैठा है. उक्त बातें मध्य विद्यालय, अमरपुर में जनवादी […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | February 2, 2015 9:02 PM

जनवादी लेखक संघ के आठवें जिला सम्मेलन का समापन तसवीर-सम्मेलन में भाग लेते जलेस के पदाधिकारीतसवीर-17बेगूसराय(नगर). कलम को हथियार बना कर हम फासिज्म के खिलाफ लड़ाई लड़ेंगे. आज कलाकारों को आम-आवाम का नेतृत्व करना होगा, क्योंकि जनता ने जिसको अपना प्रतिनिधि चुना है, वह राजा बन बैठा है. उक्त बातें मध्य विद्यालय, अमरपुर में जनवादी लेखक संघ, बेगूसराय के आठवें जिला सम्मेलन को संबोधित करते हुए जलेस के राज्य उपाध्यक्ष अनंत कुमार सिंह ने कहीं. मौके पर हिंदी के वरिष्ठ आलोचक डॉ केदारनाथ कंत ने कहा कि आज जब पूरे विश्व को मुट्ठी में करने की बात चल रही है, वैसे समय में लेखकों, कलाकारों और संस्कृतिकर्मियों के सामने बड़ी चुनौती है. मंच संचालन कर रहे जलेस के जिला सचिव विनिताभ ने कहा कि केवल रचनाओं के माध्यम से सब कुछ संभव नहीं है, बल्कि पठन-पाठन को भी बढ़ावा देना होगा. मौके पर प्रो फुलेश्वर प्रसाद सिंह ने वर्तमान समय में धर्म और जाति की राजनीति को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि आज मीडिया की स्वतंत्रता पर भी राजनीति प्रभावी हो रही है. जिला सम्मेलन को चंद्रकुमार शर्मा बादल, जनकवि दीनानाथ सुमित्र, जसम के दीपक सिन्हा समेत अन्य लोगों ने संबोधित किया. इससे पूर्व आकाश गंगा रंग चौपाल बरौनी के कलाकारों के द्वारा जनवादी गीत प्रस्तुत किये गये. मौके पर अनंत कुमार सिंह को शक्र सम्मन और केदारनाथ कंत को शील सम्मान से सम्मानित किया गया. इस मौके पर कवियत्री रुपम झा, सीमा संगसार, अनुपमा कुमारी, कवि राजेश कुमार, संजीव शांति मेहता, मुखिया प्रमीला देवी समेत अन्य लोग उपस्थित थे.