बेगूसराय : लोहियानगर में हो रहे एकादश मुखी हनुमत कथा के पांचवें दिन स्वामी दिव्यानंद जी महाराज ने हनुमान जी के बाल रूप का वर्णन करते हुए कहा कि हनुमान जी काफी उछल कूद मौज मस्ती अपने बाल सखा के साथ वनों में साधु संतों को तपस्या करते समय बहुत तंग और तबाह किया करते थे और उन्हें ऐसा करने से आनंद मिलता था. मां अंजना ने हनुमान जी को शिक्षा ग्रहण करने के लिए सूर्य लोक भगवान सूर्य के शरण में भेज दिया.
लोहियानगर में हनुमान कथा में उमड़ रहे लोग
बेगूसराय : लोहियानगर में हो रहे एकादश मुखी हनुमत कथा के पांचवें दिन स्वामी दिव्यानंद जी महाराज ने हनुमान जी के बाल रूप का वर्णन करते हुए कहा कि हनुमान जी काफी उछल कूद मौज मस्ती अपने बाल सखा के साथ वनों में साधु संतों को तपस्या करते समय बहुत तंग और तबाह किया करते […]

महाराज हनुमान जी भगवान सूर्य के सानिध्य में शिक्षा ग्रहण किया. महाराज जी ने आगे कहा भगवान हनुमान जी का स्मरण जो कोई भी करेगा, वह सभी संकटों से मुक्त रहेगा. उन्होंने कहा संकट कटे मिटे सब पीरा जो सुमिरे हनुमत बलबीरा. कथा कार्यक्रम में आयोजन समिति के संयोजक बृजेश कुमार प्रिंस पूर्व पार्षद एवं आयोजन समिति के संरक्षक रामप्रकाश पोद्दार, नृपेंद्र सिंह, महेश पोद्दार, अमित कुमार सिंह आदि थे.