बेगूसराय : गुरुवार को जिलाधिकारी राहुल कुमार की अध्यक्षता में कारगिल विजय सभा भवन में बाल श्रमिक उन्मूलन तथा किशोर श्रम निषेध एवं विनियम के लिए राज्य कार्य योजना के तहत प्रथम जिला टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गयी. बैठक की शुरुआत में जिलाधिकारी ने बाल श्रम और किशोर श्रम से संबंधित कानूनी धाराओं के प्रावधानों के बारे में जानकारी दी .
जिले को बाल श्रम से मुक्त करने पर दिया गया जोर
बेगूसराय : गुरुवार को जिलाधिकारी राहुल कुमार की अध्यक्षता में कारगिल विजय सभा भवन में बाल श्रमिक उन्मूलन तथा किशोर श्रम निषेध एवं विनियम के लिए राज्य कार्य योजना के तहत प्रथम जिला टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गयी. बैठक की शुरुआत में जिलाधिकारी ने बाल श्रम और किशोर श्रम से संबंधित कानूनी धाराओं […]

इन्होंने बताया कि हमारा प्रशासनिक और सामाजिक दायित्व है कि हम जिले को बालश्रम मुक्त बनाएं. उन्होंने बताया कि घरों, होटलों, चाय की दुकानों समेत अन्य स्थानों पर 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को श्रमिक या नौकर के रूप में रखना कानूनी अपराध है.
ऐसा करने पर आठ माह से दो वर्षों तक कारावास का भी प्रावधान है. इसके अलावा 20,000 से 50,000 तक आर्थिक जुर्माना का भी प्रावधान है. जिलाधिकारी ने बताया कि समय-समय पर विभिन्न स्थलों पर छापेमारी करते हुए बाल श्रमिकों को मुक्त कराया जा रहा है. 2014 से राज्य में बाल श्रमिक कानून लागू होने बाद अब तक कुल 105 बाल श्रमिकों को मुक्त कर पुनर्वासित किया गया है.
बाल श्रमिकों के कल्याण के उद्देश्य से स्थापित कल्याण कोष में दोषी नियोजकों द्वारा 20,000 रुपये प्रति बाल श्रमिक जमा किया जाता है. राज्य सरकार द्वारा 5,000 रुपये का योगदान कल्याण कोष में किया जा रहा है. श्रम अधीक्षक ने बताया कि 7 जून से 20 जून तक जिले में जन-जागरूकता अभियान के साथ-साथ बालश्रम उन्मूलन के लिए विशेष अभियान चलाया जायेगा. बैठक में जिला परिषद अध्यक्ष रवींद्र चौधरी, सदर अनुमंडलाधिकारी संजीव कुमार चौधरी, सदर डीएसपी राजन सिन्हा, जिला पंचायती राज पदाधिकारी मंजू प्रसाद, डीपीओ आईसीडीएस रचना कुमारी समेत अन्य मौजूद थे.