नाटक ”मूर्तिकार” में कलाकार के जीवन की दिखी विवशता

बीहट : आकाश गंगा रंग चौपाल द्वारा शहीदों को समर्पित राष्ट्रीय नाट्य महोत्सव रंग-संगम के तीसरे दिन मध्य विद्यालय बीहट परिसर में मुक्ताकाश मंच पर दो नाटकों का सफल मंचन हुआ.आकृति रंग संस्थान द्वारा प्रस्तुत और सुनील फेकानिया द्वारा निर्देशित नाटक मूर्तिकार दर्शकों की संवेदानाएं बटोर ले गया. मूर्तियों की आकृति गढ़ने और उसमें रंग […]

बीहट : आकाश गंगा रंग चौपाल द्वारा शहीदों को समर्पित राष्ट्रीय नाट्य महोत्सव रंग-संगम के तीसरे दिन मध्य विद्यालय बीहट परिसर में मुक्ताकाश मंच पर दो नाटकों का सफल मंचन हुआ.आकृति रंग संस्थान द्वारा प्रस्तुत और सुनील फेकानिया द्वारा निर्देशित नाटक मूर्तिकार दर्शकों की संवेदानाएं बटोर ले गया.

मूर्तियों की आकृति गढ़ने और उसमें रंग भरने वाला मूर्तिकार शेखर(विजय सहनी) स्वाभिमानी और खुद्दारी के चलते अपनी कला से समझौता नहीं करता है.कई मौकों पर पैसे वालों ने कला खरीदने की कोशिश की.
मगर उसके अंदर का मूर्तिकार कला बेचने को तैयार नहीं हुआ.जिसके कारण अपने पारिवारिक दायित्वों को पूरा नहीं कर पाने के चलते पत्नी ललिता (अंबिका सोनी) से अक्सर तकरार होती रहती है.विवशता से घिरा मूर्तिकार आखिर एक दिन अपनी बनायी मूर्तियों और पेंटिंग तोड़ देता है और दूसरों की तरह ही बनने की बात करता है.
नाटक में मूर्तिकार की बहन का किरदार निभा रही अन्नु प्रिया और अनादि की भूमिका में राजू सहनी ने संवाद अदायगी और अभिनय से दर्शकों को बांधे रखा.वहीं रौशन सहनी,अशोक अंदाज,सत्यम सिंह सहित अन्य कलाकारों ने अंत तक नाटक की जीवंतता को बरकरार रखा. वहीं लोक पंच पटना की दूसरी प्रस्तुति जोरू का गुलाम देखकर दर्शक लोट-पोट होते रहे.
निर्देशक रवि भूषण बबलू के निर्देशन में जीजा बने प्रवीण सप्पु,पत्नी बबली कुमारी तथा साला अभिषेक ने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया. इस मौके पर उपस्थित बरौनी बीडीओ सुनील कुमार ने नाटक के उपरांत कलाकारों को पुष्प गुच्छ,अंगवस्त्र व मोमेंटो देकर सम्मानित किया.वहीं आयोजन समिति के संरक्षक राजेश कुमार टूना, संजय कुमार ललन, शंकर सिंह, पन्नालाल ने बरौनी बीडीओ को सम्मानित किया.

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