सभी मंडलों में दौड़ेगी मेमू ट्रेन

गढ़हारा : रेलवे ने पर्यावरण की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सहरसा-बरौनी-मानसी रेलखंड पर चलने वाली सभी पैसेंजर ट्रेनों को हटायेगी. इस रेलखंड पर अब मेमू ट्रेनें दौड़ेंगी.आने वाले दिनों में सोनपुर मंडल के अंतर्गत सभी लोको पैसेंजर हटाये जायेंगे. इसके बदले में मेमू ट्रेन चलेगी. रेल प्रशासन ने इसकी कवायद शुरू कर दी […]

गढ़हारा : रेलवे ने पर्यावरण की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सहरसा-बरौनी-मानसी रेलखंड पर चलने वाली सभी पैसेंजर ट्रेनों को हटायेगी. इस रेलखंड पर अब मेमू ट्रेनें दौड़ेंगी.आने वाले दिनों में सोनपुर मंडल के अंतर्गत सभी लोको पैसेंजर हटाये जायेंगे. इसके बदले में मेमू ट्रेन चलेगी. रेल प्रशासन ने इसकी कवायद शुरू कर दी है. रेल सूत्रों की माने तो जिस रेलखंड पर विद्युतीकरण कार्य पूरा हो चुका है, उन रूटों पर मेमू ट्रेन चलेगी. जिन रेलखंडों पर विद्युतीकरण कार्य पूरा नहीं हुआ है वहां डीएमयू चलेगी.

मेमू चलने से रेलयात्रियों के समय की बचत के साथ डीजल की बचत होगी. जबकि पर्यावरण की सुरक्षा व संरक्षा को भी मजबूती मिलेगी. वहीं ट्रेन की गति भी बढ़ेंगी. हाजीपुर जोन के अधिकारियों की माने तो पूर्व मध्य रेलवे के अंतर्गत सोनपुर व समस्तीपुर समेत पांचों मंडलों में इस वर्ष के अंत तक लोको पैसेंजर ट्रेन को मेमू में तब्दील करने की पूरी संभावना है.
इस संबंध में सीपीआरओ हाजीपुर राजेश कुमार ने बताया कि वर्ष 2019-20 तक पूर्व- मध्य रेलवे के अंतर्गत सभी सभी स्टेशनों से लोको ट्रेन को मेमू में तब्दील किया जायेगा. इसके लिए चेन्नई सेंट्रल से नये मेमू रैक उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है. रेलयात्रियों के लिए बेहतर होगा. रेल सूत्रों की माने तो वर्ष 2018-19 में पूर्व रेलवे को 22 नये रैक उपलब्ध कराये गये हैं.
वर्ष 2019-20 तक लक्ष्य निर्धारित की गयी है कि पूर्व मध्य रेलवे के अंतर्गत सभी डिवीजनों में लोको डीजल ट्रेनों को मेमू में तब्दील किया जायेगा. मेमू का नया रैक उपलब्ध होते ही सहरसा-मानसी वाया बरौनी होकर समस्तीपुर तक मेमू चलायी जा सकती है. फिलहाल इन रेल खंडों पर विद्युतीकरण कार्य हो चुका है.
वहीं सहरसा-मानसी वाया हसनपुर रोड होकर समस्तीपुर तक विद्युतीकरण कार्य पूरा होने तक डीएमयू चलायी जायेगी. वैसे खगड़िया-समस्तीपुर वाया हसनपुर होकर विद्युतीकरण कार्य शुरू किया गया है. संभावना है कि छह माह में कार्य पूर्ण हो जायेगा. उक्त रेल खंड पर मेमू चलने के साथ ही इसकी बढ़ेगी.
मेमू की विशेषता यह है कि यह जल्द ही रफ्तार पकड़ती है और उतनी जल्द ही ब्रेक भी लगती है. रेलयात्रियों के सुरक्षित यात्रा के साथ समय की बचत होगी. मेमू के परिचालन से सहरसा-मानसी रेलखंड पर इंजन बदलने का झंझट से भी मुक्ति मिल जायेगी. लोको ट्रेन की तुलना में इसमें यात्री सीटों की संख्या अधिक होती है. साथ ही डीजल की खपत कम होगी और एक कोच से दूसरे में यात्री आसानी से जा सकेंगे.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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