बेगूसराय : बेगूसराय रेलवे स्टेशन से पूरब व लोहियानगर गुमटी के आसपास जान- जोखिम में डाल कर दर्जनों परिवार ट्रैक के किनारे झोंपड़ीनुमा घर बनाकर निवास करते हैं. ट्रैक की दोनों ओर दर्जनों महिलाएं- पुरुष अपने बच्चों के साथ जीवन बसर करते हैं. रेलवे की जमीन होने के बावजूद न तो जीआरपी और न ही आरपीएफ के द्वारा इन झोंपड़पट्टी में बसे लोगों को हटाने की मुहिम चलायी जाती है. झोपड़पट्टी में रह रहे लोगों के आगे जीआरपी व आरपीएफ अपने आपको बौने समझते हैं.
खतरे में है झोंपड़पट्टी में रहनेवालों परिवारों की जिंदगी
बेगूसराय : बेगूसराय रेलवे स्टेशन से पूरब व लोहियानगर गुमटी के आसपास जान- जोखिम में डाल कर दर्जनों परिवार ट्रैक के किनारे झोंपड़ीनुमा घर बनाकर निवास करते हैं. ट्रैक की दोनों ओर दर्जनों महिलाएं- पुरुष अपने बच्चों के साथ जीवन बसर करते हैं. रेलवे की जमीन होने के बावजूद न तो जीआरपी और न ही […]

झोंपड़पट्टी में ट्रैक किनारे बसे हैं सैकड़ों लोग
इन झोपड़पट्टियों में सैकड़ाें महिला, पुरुष एवं बच्चे बसे हुए हैं. झोंपड़पट्टी के लोग रेलवे ट्रैक या एनएच-31 को पार करके अंदर-बाहर जाते हैं. झोंपड़पट्टी में रह रहे लोग अपनी हर सुख-सुविधा को बहाल करके रखें है. यहां तक कि इनलोगों के द्वारा बिजली कनेक्शन भी टोका फंसा कर लिया गया है.
धाराएं तो बहुत हैं, लेकिन कार्रवाई शून्य होती है
रेलवे ट्रैक को पार करने या फिर बैठनेवाले पर बेगूसराय आरपीएफ सख्त कार्रवाई करती हैं. रेलवे ट्रैक पर बैठनेवाले या ट्रैक पार करनेवालों पर रेलवे एक्ट 147 के तहत कार्रवाई की जाती है. ट्रैक पार कर रहे लोगों को रेलवे कोर्ट में पेश किया जाता है. रेलवे एक्ट की धारा 147 के तहत ट्रैक पार कर जाने की अधिकतम सजा एक माह निर्धारित है, जबकि आर्थिक दंड पांच सौ रुपये जुर्माने के रूप में वसूला जाता है. रेलवे एक्ट 147 धारा जमानतीय है लेकिन ये सारी बातें सिर्फ कागजों पर जाती है.
गत 23 अगस्त को पटरी पर बैठे तीन लोगों की हुई थी मौत
गत वर्ष 23 अगस्त को बरौनी-कटिहार रेलखंड के लखमिनियां स्टेशन से पूरब गुमटी नंबर-34 के पास ट्रैक पर बैठकर कान में इयरफोन लगा गाना सुन रहे तीन युवकों की मौत ट्रेन से कटकर हो गयी थी. तीनों युवक लखिमनियां स्टेशन के डाउन लाइन में बैठे थे. तीनाें युवकों की मौत 15623 भगत की कोठी कामाख्या एक्सप्रेस ट्रेन से कट कर हुई थी.