बेगूसराय मॉब लिंचिंग मामला : स्कूल संचालन के लिए की जा रही है मॉनीटरिंग

छौड़ाही (बेगूसराय) : ओपी क्षेत्र के नारायणपीपड़ नवसृजित प्राथमिक विद्यालय ककरहा में तीन बदमाशों की भीड़ के द्वारा पिटाई से मौत के बाद शिक्षकों व स्कूली बच्चों में दहशत बरकरार है. हालांकि विद्यालय में सही ढंग से पठन-पाठन एवं आसपास के इलाके में शांति व्यवस्था को लेकर विद्यालय परिसर को सुरक्षाकर्मियों ने अपने कब्जे में […]

छौड़ाही (बेगूसराय) : ओपी क्षेत्र के नारायणपीपड़ नवसृजित प्राथमिक विद्यालय ककरहा में तीन बदमाशों की भीड़ के द्वारा पिटाई से मौत के बाद शिक्षकों व स्कूली बच्चों में दहशत बरकरार है.

हालांकि विद्यालय में सही ढंग से पठन-पाठन एवं आसपास के इलाके में शांति व्यवस्था को लेकर विद्यालय परिसर को सुरक्षाकर्मियों ने अपने कब्जे में ले लिया है. पुलिस प्रशासन एवं शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों का कहना है कि घटना के बाद किसी भी सूरत में विद्यालय में पठन-पाठन का कार्य प्रभावित नहीं होने दिया जायेगा. इधर, सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद विद्यालय के प्रभारी हेड मास्टर सहित सहायक शिक्षिका और बच्चे विद्यालय जाना नहीं चाह रहे हैं.

अभिभावक फिलहाल बच्चों को स्कूल भेजने के मूड में नहीं हैं. छोटे-छोटे बच्चे भी अपराधियों द्वारा प्रभारी हेड मास्टर के साथ हुई वारदात से विद्यालय जाने से घबरा रहे हैं. ग्राउंड पड़ताल के दौरान विद्यालय के प्रभारी हेडमास्टर और बच्चों से इस संदर्भ में जानकारी लेने का प्रयास किया गया तो यह बात सामने आयी कि अभी काफी दहशत है.

ग्रामीणों को ऐसा प्रतीत हो रहा है कि बदले की भावना से फिर अपराधी कहीं धावा न बोल दें. किसी भी अनजान लोगों को रास्ते से आते-जाते देख ग्रामीण डरे-सहमे रहते हैं. देखने वाली बात यह होगी कि आखिर प्रशासन किस प्रकार विद्यालय का संचालन करने और ग्रामीणों के बीच खौफ के इस को मंजर को दूर करने का प्रयास करती है. हालांकि नव पदस्थापित थानाध्यक्ष और जिला पुलिस कप्तान सुरक्षा की ऐसी व्यवस्था का दावा कर रहे हैं कि परिंदा भी पर नहीं मार सकेगा. उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही स्थिति सामान्य हो जायेगी.

एफआईआर के बाद अंदर ही अंदर प्रशासन के प्रति ग्रामीणों ने पनप रहा है आक्रोश : नारायणपीपड़ में हुई घटना और उसके बाद शनिवार को जिला पुलिस कप्तान के निरीक्षण के पश्चात दिये गये आदेश निर्देश के आधार पर अनुमंडल के वरीय पुलिस पदाधिकारियों के निर्देशन में छह नामजद और एक सौ के लगभग अज्ञात लोगों पर एफआईआर किये जाने के बाद अंदर ही अंदर स्थानीय ग्रामीणों में जहां एक तरफ भारी दहशत का माहौल कायम हो गया है.वहीं प्रशासन के खिलाफ आक्रोश पनप रहा है.

एक तरफ राज्य के वरीय पुलिस पदाधिकारी जहां घटना को मॉब लिंचिंग से अलग देखते हुए सेल्फ डिफेंस में ग्रामीणों द्वारा उठाये गये कदम करार दे रहे हैं.वहीं दूसरी ओर स्थानीय ग्रामीणों पर एफआईआर किये जाने के बाद भीतर से लोगों में प्रशासन के प्रति गुस्सा बढ़ रहा है.

प्राथमिकी दर्ज होते ही कार्रवाई में जुटी पुलिस : शनिवार की देर शाम इस मामले में छह नामजद और सौ अज्ञात लोगों पर प्राथमिकी दर्ज होते ही पुलिस कार्रवाई में जुट गयी है. पुलिस सूत्रों के अनुसार पुलिस की एक विशेष टीम के द्वारा इस घटना में शामिल नामजदों की गिरफ्तारी के लिए सघन छापेमारी शुरू कर दी गयी है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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