गेहूं की फसल पर संकट, कटाई के समय बारिश से दाने काले पड़ने व गुणवत्ता खराब होने की आशंका
वज्रपात से ताड़ के पेड़ में लगी आग, सड़क पर टहनी गिरने से यातायात बाधित
बांका. इस बार गेहूं फसल पर बारिश का कहर समय-समय पर टूट रहा है. बुधवार को बेमौसम हुई बारिश ने गर्मी से थोड़ी निजात जरूर दिलायी है, लेकिन किसानों की चिंता बढ़ा दी है. विगत दिनों जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश हुई. यह बारिश एक-डेढ़ घंटे तक निरंतर होती रही. बारिश के साथ हवा भी तेजी से चल रही थी. दरअसल, सुबह से ही आसमान में बादल छाए हुए थे. कभी धूप कभी बादल का खेल जारी था. दोपहर बाद कई इलाकों में हल्की से मध्यम वर्षा होनी शुरू हो गयी.
बारिश के साथ ठंडी हवाएं चलने से तापमान में गिरावट आयी, जिससे लोगों ने राहत महसूस की. किसानों का कहना है कि इस समय गेहूं की फसल पककर तैयार है और कटाई के साथ-साथ फसल की तैयारी भी जारी है. ऐसे में बारिश होने से फसल के भीगने और दाने के काले पड़ने की आशंका बढ़ गयी है. खेतों में कटी हुई फसल को नुकसान पहुंचने का खतरा और भी अधिक है. स्थानीय किसानों के अनुसार, अगर लगातार बारिश होती है तो गेहूं की गुणवत्ता प्रभावित होगी, जिससे बाजार में उचित मूल्य मिलने में भी परेशानी हो सकती है. वहीं, जिन किसानों की फसल अभी खेत में खड़ी है, वे भी तेज हवा और बारिश से गिरने की आशंका से चिंतित हैं.ज्ञात हो कि विगत दिनों जारी मौसम बुलेटिन में आठ से 12 अप्रैल तक बारिश की संभावना जतायी गयी है. वहीं दूसरी ओर बारिश के साथ चली तेज हवा की वजह से इंग्लिश मोड़-शंभुगंज मुख्य मार्ग अंतर्गत बेला बस्ती के समीप पेड़ की एक टहनी टूटकर सड़क पर गिर गयी, जिससे यातायात में समस्या उत्पन्न हुई. साथ ही वज्रपात की वजह से ताड़ व बांस के भीठ में आग लग जाने से अफरा-तफरी का माहौल उत्पन्न हो गया. हालांकि, जान-माल की क्षति नहीं हुई है.
